Press Release

कोरोना वायरस लॉकडाउन के मद्देनजर: कामगार अवाम की तकलीफों का कम करने के लिये सरकार तत्काल, समुचित और गंभीर कदम उठाए! 1.70 लाख करोड़ का राहत पैकेज पूरी तरह से अपर्याप्त है, सरकार के संवेदनहीन रवैये को दर्शाता है!
आज का दिन भारतीय बैंकिंग उद्योग के लिये काला दिन है. ऐक्टू छोटी बचतों पर ब्याज दरें घटाने के सरकार के निर्णय की सख्त शब्दों में भर्त्सना करता है
स्मार पत्र सेवा में मुख्यमंत्री / उप राज्यपाल दिल्ली सरकार विषय : लॉकडाउन के कारण बेरोजगार सभी निर्माण मजदूरों को तत्काल राहत देने हेतु कोरोना वायरस के मद्देनजर किए गए देशव्यापी लॉकडाउन के कारण दिल्ली में मजदूरों, खासकर दिहाड़ी और निर्माण मजदूरों की हालत बद से बदतर होती जा रही है. समाज में व्याप्त गैर बराबरी व सरकारी नीतियों के कारण खस्ता-हाल स्वास्थ्य सम्बन्धी बुनियादी ढाँचे के चलते, ये स्थिति विशेषकर मजदूर वर्ग के लिए
ऐक्टू महासचिव कामरेड राजीव डिमरी, अखिल भारतीय सम्मेलन के पहले दिन प्रतिनिधि सत्र की शुरुआत में ड्राफ्ट रिपोर्ट पढ़ते हुए
कोरोना वायरस की महामारी को फैलने से रोकने के लिए एहतियात के तौर पर जनता की जुटान के सभी कार्यक्रम 31 मार्च तक के लिए स्‍थगित कर दिये गये हैं।
कार्यभारित अवधि में बिताई गई पूरी सेवा को पेंशन प्रदायी सेवा में गणना की जाए बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) के महासचिव श्री प्रेमचंद कुमार सिन्हा ने राज्य सरकार से मांग की है कि वित्त विभाग के संकल्प संख्या 10710 दिनांक 17/10/2013 द्वारा निहित आदेश के आलोक में पांच साल कार्यभारित अवधि में बिताई गई सेवा को एक साल पेंशन प्रदायी सेवा हेतु जोड़ने के आदेश को निरस्त कर पूरी कार्यभारित अवधि क
देश के पूरे ट्रेड यूनियन आंदोलन ने संयुक्त रूप से, भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की श्रम-विरोधी, जन-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी नीतियों के खिलाफ 8-9 जनवरी, 2019 को दो दिनों की देशव्यापी आम हड़ताल का आह्वान, दिनांक 28 सितंबर 2018 को दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कन्वेंशन में किया गया था. केंद्र सरकार द्वारा जानबूझकर और बेपरवाही के साथ यूनियनों के साथ कोई भी सार्थक बातचीत करने से इनकार करना और दूसरी ओर हठधर्मिता के साथ
The All India General Strike called by ten central trade unions including AICCTU and supported by many workers’ federations throughout different sectors brought down economic and social life to a virtual halt in entire country on 8-9 January 2019. This became a complete Bharat Bandh with participation of many democratic organisations including those of students, youth, women and farmers. This strike was a response to Modi government’s continued cronyism to few corrupt corporate houses and
नई दिल्‍ली 16 अगस्‍त 2018. केरल में बाढ़ से हो रही भीषण तबाही और जान-माल की क्षति गहरी चिन्‍ता और दुख की बात है. वहां कई लोग बाढ़ में मारे जा चुके हैं, घरों और सम्‍पत्ति का भारी नुकसान हुआ है, बड़ी संख्‍या में लोग विस्‍थापित हुए हैं, और राज्‍य में आवश्‍यक सेवायें बुरी तरह से तहस-नहस हो रही हैं. भाकपा(माले) विभिन्‍न ऐजेन्सियों और केरल के आम लोगों द्वारा संकट के इस समय में अभूतपूर्व
On the very day the Supreme Court has come down strongly on the Government of India and State Governments for allowing a veritable mob lynching epidemic in India, a mob of BJP Yuva Morcha thugs attacked the 80-year-old anti-communal and human rights campaigner Swami Agnivesh in Pakur in Jharkhand. This incident underscores how the fascist brigades of the ruling party have lost any respect or fear of the rule of law, of courts or the