Health

State of Working India 2021: One Year of Covid-19

This is a well-documented report that has analysed the impact of one year of Covid-19 in India, on jobs, incomes, inequality, and poverty. The rising inequality and loss of wages is really alarming. It says, “our analysis shows that the pandemic has further increased informality and led to a severe decline in earnings for the majority of workers resulting in a sudden increase in poverty. Women and younger workers have been disproportionately affected. Households have coped by reducing food intake, borrowing, and selling assets.

हिन्दू राव समेत एमसीडी के अस्पतालों के संघर्षरत चिकित्सकों और कर्मचारियों को समर्थन

ऐक्टू व दिल्ली के विभिन्न ट्रेड यूनियन संगठनों ने 26 अक्टूबर को एमसीडी (दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन) हिन्दू राव अस्पताल के भूख हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों व अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों के साथ प्रदर्शन-स्थल पर जाकर, अपनी एकजुटता जाहिर की. ऐक्टू से जुड़े विभिन्न क्षेत्र के मजदूर साथियों ने भी डॉक्टरों और एमसीडी कर्मचारियों के समर्थन में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन किया.

ऐक्टू ने हिन्दू राव अस्पताल के आन्दोलनरत डॉक्टरों व कर्मचारियों के साथ जाहिर की एकजुटता

ऐक्टू समेत दिल्ली के विभिन्न ट्रेड यूनियन संगठनों ने आज हिन्दू राव अस्पताल के आन्दोलनरत डॉक्टरों व कर्मचारियों के साथ अपनी एकजुटता जाहिर की. ऐक्टू के राज्य अध्यक्ष कामरेड संतोष राय, सीटू के राज्य अध्यक्ष कामरेड वीरेन्द्र गौड़ व एचएमएस के दिल्ली राज्य अध्यक्ष राजेन्द्र जी ने कर्मचारियों और डॉक्टरों को धरनास्थल पर संबोधित भी किया.

कलावती अस्पताल कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी यूनियन का गठन

25 अक्टूबर को ऐक्टू केंद्रीय कार्यालय, दिल्ली में ऐक्टू से सम्बद्ध ‘कलावती सरन अस्पताल कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी यूनियन’, दिल्ली की पहली बैठक हुई. बैठक की शुरुआत ऐक्टू के वरिष्ठ साथी व ’आल इंडिया हेल्थ एम्प्लाइज एंड वर्कर्स कॉन्फ़ेडरेशन’ के सेक्रेटरी जनरल रामकिशन के संबोधन से हुई. बैठक में आए कर्मियों ने अपनी कार्यकारिणी का चुनाव किया. सूर्यप्रकाश, अध्यक्ष एवं सेवक राम, महासचिव चुने गए.

बिहार राज्य एड्स नियंत्रण कर्मचारी संघ ने नाको महानिदेशक से मिलकर सौंपा 7-सूत्री मांगपत्र - वेतन फार्मूला बनाने पर बनी सहमति

बिहार राज्य एड्स नियंत्रण कर्मचारी संघ (संबद्ध ऐक्टू) ने अपने लंबे संघर्ष में तब एक महत्वपूर्ण जीत हासिल की जब 18 मार्च 2019 को महानिदेशक, नाको ने एड्स नियंत्रण कर्मचारियों के सवालों पर संघ को दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में वार्ता के लिये आमंत्रित किया. नाको के बुलावे पर उप महानिदेशक (प्रशासन) के साथ संघ के पाँच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने वार्ता में शिरकत की जिसमें शामिल थे- ऐक्टू नेता रणविजय कुमार व संघ के मुख्य संरक्षक रामबली प्रसाद, संघ के नेता फखरे आलम, मीरा कुमारी व ऑल इंडिया हेल्थ इंप्लाइज एंड वर्कर्स कन्फेडरेशन के महासचिव रामकिशन.

पटना में एड्स नियंत्रण कर्मियों का एक दिवसीय धरना

बिहार राज्य एड्स नियंत्रण कर्मचारी संघ (संबद्ध ऐक्टू) के आहृान पर 20 फरवरी को राज्य के सैकड़ों एड्स नियंत्रण कर्मियों ने समान काम का समान वेतन, स्थायीकरण, 4 लाख अनुग्रह अनुदान, सभी को ईएसआई-ईपीएफ का लाभ, सभी तरह का अवकाश देने, दुर्घटना मुआवजा व मुफ्त चिकित्सा लाभ आदि मांगों सहित वर्ष 2013 से 2015 तक डेढ़ वर्ष का बकाया अंतर वेतन राशि का भुगतान के लिये और 19 करोड़ का आवंटन रहते हुए भी 01.04.17 से देय वार्षिक वेतन वृद्धि का भुगतान एड्स अधिकारियों द्वारा मनमाने तरीके से रोक रखे जाने के खिलाफ ऐसे एड्स नियंत्रण अधिकारियों पर कार्रवाई की मांगों पर बिहार विधान सभा के समक्ष स्थानीय गर्दनीबाग में एक दिव

एड्स नियंत्रण कर्मियों का बिहार में राज्यव्यापी आंदोलन

समान काम के लिये समान वेतन के तहत लैब टेक्नीशियन व परामर्शी का मानदेय वृद्धि, सभी कर्मियों के लिये 4 लाख अनुग्रह अनुदान का लाभ, 01-04-’17 से बढ़े हुए दर पर देय एक वर्ष का प्रोत्साहन राशि का लाभ, 03-10-’13 से  31-10-’15 तक दो वर्ष का बकाया मानदेय वृद्धि का लाभ, सभी को ईपीएफ की सुविधा, मातृत्व लाभ आदि मांगें लागू करने के लिये बिहार राज्य एड्स नियंत्रण कर्मचारी संघ (संबद्ध ऐक्टू) के आहृान पर राज्य के हज़ारों एड्स नियंत्रण कर्मियों ने 26 नवंबर से आंदोलनरत रहते हुए अपने-अपने कार्यस्थलों पर काल बिल्ला/पट्टी बांधकर विरोध आंदोलन किया.

ऑल इंडिया हेल्थ इम्प्लाइज एंड वर्कर्स कन्फेडरेशन द्वारा 50 घंटे का धरना और रैली का आयोजन

ऑल इंडिया हेल्थ इम्प्लाइज एंड वर्कर्स कन्फ़ेडरेशन के बैनर तले देशभर के स्वास्थ्य कर्मचारियों के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने डा. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल, दिल्ली के बाहर 27 अगस्त से लगातार 50 घंटे का धरना आयोजित किया जिसमें हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, यूपी, बिहार, झारखंड, बंगाल, ओडिशा, कर्नाटक, महाराष्ट्र आदि राज्यों के अस्पतालों से भागीदारी हुई. धरने का समापन आरएमएल अस्पताल से लेकर गोल डाकखाने तक जुलूस निकालकर किया गया. धरने को ऐक्टू समेत कई दूसरे संगठनों का समर्थन मिला.