एड्स नियंत्रण कर्मियों का बिहार में राज्यव्यापी आंदोलन

समान काम के लिये समान वेतन के तहत लैब टेक्नीशियन व परामर्शी का मानदेय वृद्धि, सभी कर्मियों के लिये 4 लाख अनुग्रह अनुदान का लाभ, 01-04-’17 से बढ़े हुए दर पर देय एक वर्ष का प्रोत्साहन राशि का लाभ, 03-10-’13 से  31-10-’15 तक दो वर्ष का बकाया मानदेय वृद्धि का लाभ, सभी को ईपीएफ की सुविधा, मातृत्व लाभ आदि मांगें लागू करने के लिये बिहार राज्य एड्स नियंत्रण कर्मचारी संघ (संबद्ध ऐक्टू) के आहृान पर राज्य के हज़ारों एड्स नियंत्रण कर्मियों ने 26 नवंबर से आंदोलनरत रहते हुए अपने-अपने कार्यस्थलों पर काल बिल्ला/पट्टी बांधकर विरोध आंदोलन किया.

आंदोलन की अगवाई करते हुए संघ के अध्यक्ष-सह-ऐक्टू राज्य सचिव रणविजय कुमार ने बताया कि राज्य के नौ मेडिकल कालेजों व जिला-अनुमंडल आदि अस्पतालों में स्थापित 208 आईसीटीसी केंद्रों तथा ब्लड बैंक व 13 एआरटी केंद्रों सहित पूरे राज्य में कार्यरत हज़ारों एड्स नियंत्रण कर्मी इस आंदोलन में शामिल हैं पिछले तीन दिन से अपनी मांगों की पूर्ति के लिये अपने बांह पर काली पट्टी बांध कर एड्स समिति की हठधर्मिता का विरोध किया.

उन्होंने बताया कि एड्स समिति प्रशासन कर्मियों के वेतन भुगतान के मामले में बार-बार फण्ड का रोना रोता है जबकि सच्चाई है कि एड्स कंट्रोल सोसाइटी को जनवरी से मार्च 2016 के बीच 40 करोड़ से अधिक राशि का आवंटन उपलब्ध होने के बावजूद भी कर्मियों के वेतन मद का 2013 से 2015 के बीच 2 वर्ष का बकाया का भुगतान नहीं किया जा सका और कर्मियों के मेहनत की कमाई की यह राशि अभी तक लंबित है. इसी तरह अभी 19 करोड़ का आवंटन रहने के बावजूद भी नाको के निर्देशानुसार दिनांक 01-04-17 से बढ़े हुए दर पर देय एक वर्ष का प्रोत्साहन राशि का लाभ एड्स नियंत्रण कर्मियों को भुगतान करने के बजाए एड्स समिति एक वर्ष के मेहनत की कमाई को हड़प जाना चाहती है और इसे 01-04-’18 के प्रभाव से देने की बात कर रही है, जिसके कारण पूरे बिहार के एड्स नियंत्रण कर्मियों में गहरा असंतोष व आक्रोश व्याप्त है. ज्ञात हो, बिहार को छोड़कर सभी राज्यों, बगल के यूपी में भी, एड्स नियंत्रण कर्मियों को नाको के निर्देशानुसार 01-04-’17 के प्रभाव से ही मानदेय वृद्धि लाभ का भुगतान कर दिया गया है.

पिछले साल यानी 2017 में भाकपा-माले के विधायक दल नेता महबूब आलम द्वारा कर्मियों के वेतन मद के उक्त 2 वर्ष के बकाया का भुगतान करने सम्बन्धी तारांकित सवाल बिहार सरकार से किया था जिसपर बिहार सरकार ने 60 दिनों में ही उपलब्ध राशि से कर्मियों के सभी तरह के बकाया का भुगतान करने का आदेश एड्स सोसाइटी को दिया था परन्तु एड्स सोसाइटी के तत्कालीन परियोजना निदेशक ने इसका घोर उल्लंघन किया.

उक्त मांगों की पूर्ति को लेकर संघ द्वारा एक दिसंबर को होने वाले एड्स दिवस कार्यक्रम के बहिष्कार की घोषणा के बीच 27 नवंबर को संघ नेताओं रणविजय कुमार, संघ के मुख्य संरक्षक रामबली प्रसाद, फखरे आलम एवं विमल प्रकाश का एक प्रतिनिधिमंडल की प्रधान सचिव, स्वास्थ्य विभाग से सकारात्मक वार्ता सम्पन्न हुई, जिससे उम्मीद की जा सकती है कि 1 दिसंबर एड्स दिवस के पूर्व एड्स समिति परियोजना निदेशक की ओर से सकारात्मक घोषणा व पहल देखने को मिलेगी. ु

 

aids workers strike
वर्षः 13
अंकः 9