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News from Different geolocations

पटना के कंकड़बाग फुटपाथ दुकानदारों का निगम कार्यालय के समक्ष धरना

40 से अधिक वर्षों से कंकड़बाग टेम्पो स्टैंड के निकट फुटपाथ पर कारोबार कर रहे यहां के सब्जी मार्केट एवं फुटपाथ दुकानदारों को अतिक्रमण के नाम पर नगर निगम द्वारा बार-बार उजाड़ दिए जाने तथा सम्पतियों को नष्ट कर देने से आक्रोशित सैकड़ों सब्जी विक्रेताओं व फुटपाथ दुकानदारों ने 6 दिसंबर 2018 को विरोध में तथा सभी दुकानदारों को स्थायी मार्केट बना कर देने की मांग पर  कंकड़बाग टेंपो स्टैंड पर नगर निगम कार्यालय के मुख्य गेट के पास धरना दिया.

बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन का प्रथम सहरसा जिला सम्मेलन

मजदूर अधिकारों में कटौती व सुरक्षा-सम्मान के सवाल पर बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन (सम्बद्ध ऐक्टू एवं एआईसीडब्लूएफ) का प्रथम सहरसा जिला सम्मेलन 31 दिसम्बर 2018 को स्थानीय ऐक्टू जिला कार्यालय परिसर में सम्पन्न हुआ. सम्मेलन की शुरुआत लाल झंडा फहराने और शहीद वेदी पर पुष्प अर्पण व दो मिनट का मौन रखकर मजदूर आंदोलन के सभी शहीदों-मृतकों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई.

लखनऊ में ऐक्टू का प्रदर्शन

बैटरी चालित रिक्शा (ई-रिक्शा) चालकों के उत्पीड़न एवं रेहड़ी पटरी दुकानदारों को उजाड़े जाने के विरोध में 28 दिसम्बर 2018 को ऐक्टू ने परिवर्तन चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च निकाल कर प्रदर्शन किया और राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा. ज्ञापन में ई-रिक्शा चालकों का उत्पीड़न बन्द करने, उनके लिये रुट तय किये करने व स्टैंड बनाने और पटरी दुकानदारों को उजाड़ना बन्द करके उन्हें रोजगार की सुरक्षा देने की मांग की गई.

पुरानी पेंशन बचाओ दिवस

सिटिजंस ब्रदरहुड, इलाहाबाद द्वारा 20 दिसंबर 2018 को शिक्षा निदेशालय गेट के समीप ‘पुरानी पेंशन बचाओ दिवस’ सम्मेलन आयोजित किया गया. इसके मुख्य वक्ता संतोष कुमार रॉय, राष्ट्रीय सचिव ऐक्टू, अध्यक्ष डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर, दिल्ली थे.  सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने डी.एस. नाकडा बनाम भारत संघ में, 17 दिसम्बर 1982 के अपने ऐतिहासिक निर्णय में यह माना था कि पेंशन कोई खैरात नही है, बल्कि यह प्रत्येक कर्मचारी का वैधानिक अधिकार है.

झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का 6ठा राज्य सम्मेलन संपन्न

झारखण्ड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का 6ठा राज्य सम्मेलन 21-22 दिसम्बर 2018 को रांची में सम्पन्न हुआ. राज्य सम्मेलन का उद्घाटन राजीव डिमरी, महासचिव, ऐक्टू ने किया. उद्घाटन सत्र को ऐक्टू के राज्य सचिव शुभेन्दु सेन, बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) के सम्मानित अध्यक्ष रामबली प्रसाद और महासचिव प्रेमचन्द कुमार सिन्हा ने संबोधित किया.

ऐक्टू, भागलपुर का 5वां जिला सम्मेलन संपन्न

केंद्र व राज्य सरकारों की मजदूर विरोधी नीतियों और ट्रेड यूनियन अधिकारों पर बढ़ते हमले के खिलाफ नियमित काम, बेहतर मजदूरी, सुरक्षा व सम्मान के सवाल पर 16 दिसम्बर को स्थानीय संयुक्त भवन परिसर, भागलपुर में ऐक्टू का 5वां जिला सम्मेलन जिला अध्यक्ष एस.के. शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ. सम्मेलन स्थल का नाम का0 यमुना प्रसाद पोद्दार नगर, सभागार का नाम का0 जगदीश तांती व मंच का का0 सुखन तांती के नाम से रखा गया था. इस अवसर पर पूरे परिसर को लाल झंडों-बैनरों व मांग पट्टिकाओं से सुसज्जित किया गया था.

ऐक्टू, उड़ीसा का दूसरा राज्य सम्मेलन

ऐक्टू की उड़ीसा इकाई का दूसरा राज्य सम्मेलन भुवनेश्वर में 10 दिसंबर को नागभूषण भवन में संपन्न हुआ. ऐक्टू के महासचिव राजीव डिमरी ने सम्मेलन का उद्घाटन किया. उद्घाटन करते हुए उन्होंने मोदी सरकार के मजदूर वर्ग पर हमलों का विस्तार से जिक्र करते हुए 8-9 जनवरी की देशव्यापी हड़ताल को जोरदार ढंग से सफल करने का आहृान किया.

बिहार में विद्यालय रसोइयों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

बिहार में आशाकर्मियों के आंदोलन के सफल समापन के तुरंत बाद सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना से जुड़ी रसोइयों की जोरदार अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो चुकी है. ऐक्टू से संबद्ध बिहार राज्य विद्यालय रसोईया संघ के साथ ही एटक, सीटू और एआईयूटीयूसी से संबद्ध- इन चार संघों के संयुक्त बैनर पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की शुरूआत हो चुकी है. 7 जनवरी से शुरू हुई इस हड़ताल में रसोईयों का पारिश्रमिक तुरंत बढ़ाने और उनका न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये करने की मुख्य मांग समेत कुल 14 मांगें शामिल हैं. इससे पूर्व बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ के नेतृत्व में पांच दिवसीय हड़ताल (5-9 अक्टूबर 2018) हुई थी.

बिहार में आशा कर्मियों के ऐतिहासिक आंदोलन की शानदार जीत

आखिरकार बिहार में आशा कर्मियों के ऐतिहासिक आंदोलन ने राज्य की नीतीश कुमार सरकार को झुका दिया. आशा कर्मी पहली दिसंबर 2018 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतर गई थी. यह आंदोलन ‘‘आशा संयुक्त संघर्ष मंच’’ के नेतृत्व में चल रहा था. सरकार ने पहली जनवरी 2019 से एक हज़ार रु. मासिक मानदेय लागू करने सहित सभी 12 सूत्री मांगों को मान लिया जिसकी घोषणा सरकार ने 7 जनवरी को की. सरकार की इस घोषणा के बावजूद आशा कर्मियों ने अगले ही दिन पूरी ताकत के साथ 8-9 जनवरी की देशव्यापी आम हड़ताल में शिरकत की और एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया.

डाईकिन मजदूरों पर लाठीचार्ज

ऐक्टू, राजस्थान कमिटी की रिपोर्ट

दिनांक 8-9 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन नीमराना, राजस्थान में स्थित ‘जापानी जोन’ के अन्दर डाईकिन व अन्य कंपनियों के मजदूरों द्वारा एक जुलूस निकाला गया. प्रबंधन ने गुंडों और पुलिस की मदद से मजदूरों के ऊपर बर्बर हमला करवाया, जिसमें दर्जनों मजदूर घायल हो गए.

ऐक्टू ने हड़ताल को सफल बनाने में निभाई अग्रणी भूमिका

झारखंड:

Jharkhand Nirman Mazdoor-union
झारखंड निर्माण मजदूर यूनियन

8-9 जनवरी के दो दिवसीय हड़ताल के दौरान ईसीएल, बीसीसीएल, सीसीएल समेत पूरे कोयला उद्योग में संपूर्ण हड़ताल रही जो कि मुख्यतः वाम यूनियनों के नेतृत्व में आयोजित थी. कोयला उत्पादन, ढुलाई व डिस्पैच पूरी तरह बंद रहा.

मजदूरों की दो दिवसीय ऐतिहासिक हड़ताल

ऐक्टू समेत देश की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने मिलकर 8-9 जनवरी 2019 को देशव्यापी हड़ताल का आहृान किया था. यह आहृान 28 सितंबर 2018 को दिल्ली में आयोजित मजदूर सम्मेलन में भाजपा नीत एनडीए सरकार की मजदूर-विरोधी, जन-विरोधी और देश-विरोधी नीतियों के खिलाफ किया गया था. भाजपा सरकार ट्रेड यूनियनों से कोई अर्थपूर्ण चर्चा नहीं कर रही थी और उसी वक्त मालिकों के पक्ष में एक के बाद एक निर्णय कर रही थी. इससे कामगार जनता की हालत असहनीय हो गई है.

अखिल भारतीय मजदूर हड़ताल से पूरा देश थम गया - ऐक्टू हड़ताल को ऐतिहासिक बनाने के लिए मजदूर वर्ग को बधाई देता है

ऐक्टू समेत दस केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाई गई अखिल भारतीय आम हड़ताल जिसका विभिन्न क्षेत्रों के कई अन्य कर्मचारी फेडरेशनों ने समर्थन किया था, ने 8-9 जनवरी 2019 को पूरे देश के आर्थिक और सामाजिक जीवन को पूरी तरह से रोक सा दिया.

नई दिल्ली में 9 जनवरी 2019 को संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय ट्रेड यनियनों द्वारा मीडिया को जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति.

देश के पूरे ट्रेड यूनियन आंदोलन ने संयुक्त रूप से, भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की श्रम-विरोधी, जन-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी नीतियों के खिलाफ 8-9 जनवरी, 2019 को दो दिनों की देशव्यापी आम हड़ताल का आह्वान, दिनांक 28 सितंबर 2018 को दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कन्वेंशन में किया गया था. केंद्र सरकार द्वारा जानबूझकर और बेपरवाही के साथ यूनियनों के साथ कोई भी सार्थक बातचीत करने से इनकार करना और दूसरी ओर हठधर्मिता के साथ पूंजीपति-परस्त  नीतियों को धड़ल्ले के साथ आगे बढ़ाने के कृत्य ने पूरे मजदूर वर्ग को इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल के लिए विवश कर दिया.

Country Comes to Standstill With All India Workers’ Strike: AICCTU Congratulates the Workers for Making this Strike Historic

The All India General Strike called by ten central trade unions including AICCTU and supported by many workers’ federations throughout different sectors brought down economic and social life to a virtual halt in entire country on 8-9 January 2019. This became a complete Bharat Bandh with participation of many democratic organisations including those of students, youth, women and farmers.

बिहार राज्य निर्प्रदूषण के लिए सब ज़िम्मेदार, लेकिन मार सिर्फ निर्माण मज़दूरों पर, कामबंदी से रोज़ी-रोटी का संकट

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के लिए सरकार के साथ हम सब ज़िम्मेदार हैं लेकिन इसकी सबसे ज़्यादा मार पड़ी है निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले दिहाड़ी मज़दूरों पर। प्रदूषण की परवाह किए बिना हम ‘धूमधड़ाम’ से त्योहार मना रहे हैं, लेकिन कामबंदी से मज़दूरों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

विस्तार में पढ़ें रिपोर्ट साभार न्यूज क्लिक.........

कुंभ मेला क्षेत्र में ठंड से एक और सफाई कर्मचारी की मौत

इलाहाबाद. कुंभ मेला क्षेत्र में मंगलवार की रात सफाईकर्मियों की बस्ती में एक और सफाई कर्मी की ठंड लगने से मौत हो गई. मृत सफाईकर्मी का नाम जगुआ है और वह बाँदा जिले के अतर्रा  तहसील,थाना भिसंडा के बिलगाँव का रहने वाला था.

एकता रेहड़ी फड़ी यूनियन (ऐक्टू) करेगी 9 जनवरी को मार्च

एकता रेहड़ी फड़ी यूनियन की जनरल बाडी मीटिंग आहलोमजरा के पार्क में हुई जिसमे एक सौ से अधिक रेहड़ी वाले शामिल हुए. साथी जवाहर की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में एक्टू चंडीगढ के प्रधान कामरेड कंवलजीत सिंह एवं सचिव सतीश कुमार विशेष रूप से शामिल हुए. मीटिंग का संचालन सुदामा ने किया.

सर्व सहमति से फैसला किया गया कि 9 जनवरी की देश व्यापी हड़ताल मे एकता यूनियन बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेगी. इस दिन हाललोमजरा से जुलूस की शक्ल में म्यूनिसिपल कमिश्नर के दफ्तर तक मार्च किया जाएगा और अपनी मांगों का मांग पत्र सौंपा जाएगा.

कामरेड साधुशरण यादव

महासंघ (गोप गुट) से सम्बद्ध बिहार राज्य चिकित्सा एवं जन-स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश मुख्य संरक्षक व कैमूर जिला महासंघ के सम्मानित अध्यक्ष का0 साधुशरण यादव जो उच्च रक्त चाप से ग्रसित थे, का हृदयाघात के कारण 28 नवम्बर को असामयिक निधन पीएमसीएच, पटना में ईलाज के दौरान हो गया.

30 नवम्बर ’18 को महासंघ (गोप गुट) राज्य कार्यालय, पटना में शोक सभा आयोजित कर का0 साधुशरण यादव को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी. शोक सभा का संचालन चिकित्सा जन-स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के राज्याध्यक्ष सुधीर बोस चौधरी ने किया.

लखनऊ में हजारों ग्राम प्रहरियों ने भरी हुंकार

उ.प्र. ग्राम प्रहरी (चौकीदार) यूनियन व ऐक्टू के बैनर तले हजारों ग्राम प्रहरियों ने खुद को राज्य कर्मचारी घोषित किए जाने की मांग को लेकर इको गार्डन, लखनऊ पर धरना-प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को संबोधित 5-सूत्रीय मांग पत्र दिया. धरने से ग्राम प्रहरियों ने बिहार प्रांत की भांति राज्य कर्मचारी का दर्जा दो, दस लाख का दुर्घटना बीमा कराओ, बेगारी कराना बंद करो, डेढ हजार रुपये में दम नहीं - 18 हजार से कम नही, वर्दी मे बदलाव करो, आदि मांगें उठाईं. धरना को संबोधित करते हुए उ.प्र.

एड्स नियंत्रण कर्मियों का बिहार में राज्यव्यापी आंदोलन

समान काम के लिये समान वेतन के तहत लैब टेक्नीशियन व परामर्शी का मानदेय वृद्धि, सभी कर्मियों के लिये 4 लाख अनुग्रह अनुदान का लाभ, 01-04-’17 से बढ़े हुए दर पर देय एक वर्ष का प्रोत्साहन राशि का लाभ, 03-10-’13 से  31-10-’15 तक दो वर्ष का बकाया मानदेय वृद्धि का लाभ, सभी को ईपीएफ की सुविधा, मातृत्व लाभ आदि मांगें लागू करने के लिये बिहार राज्य एड्स नियंत्रण कर्मचारी संघ (संबद्ध ऐक्टू) के आहृान पर राज्य के हज़ारों एड्स नियंत्रण कर्मियों ने 26 नवंबर से आंदोलनरत रहते हुए अपने-अपने कार्यस्थलों पर काल बिल्ला/पट्टी बांधकर विरोध आंदोलन किया.

निर्माण मजदूरों का भागलपुर, बिहार में विशाल प्रदर्शन

बिहार की नितीश और केंद्र की मोदी सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों व मजदूरों के कल्याण योजना को लूट खाने की सरकारी साजिश के खिलाफ एवं मजदूरों के ऑनलाइन निबंधन करने की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने, ऑनलाइन के लिए जिला श्रम कार्यालय को तत्काल केंद्र बनाने, सभी निबंधित मजदूरों को बिना शर्त अनुदान राशि का भुगतान करने, सभी मजदूरों का निबंधन करने, श्रम कार्यालय में मजदूरों के साथ सम्मानजनक व्यवहार की गारंटी करने एवं मजदूरों के वाजिब काम में होने वाले विलम्ब के एवज में प्रत्येक दिन के लिए न्यूनतम मजदूरी के बराबर मुआवजे का भुगतान करने, आदि मांगों को लेकर 26 नवंबर को बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन (संबद

दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय के समक्ष भवन-निर्माण मजदूरों का प्रदर्शन

8 नवंबर 2018 को ऐक्टू से संबद्ध भवन-निर्माण मजदूर यूनियन ने दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय के समक्ष प्रतिवाद किया और निर्माण क्षेत्र के सभी मजदूरों के लिए बेरोजगारी भत्ते की मांग की. इस प्रतिवाद में दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से श्रमिकों ने शिरकत की. दिल्ली में प्रदूषण के बारे में चल रहे शोर-शराबे के बीच दिल्ली के सबसे गरीब मजदूर - निर्माण क्षेत्र के दैनिक भोगी श्रमिक - पूरी तरह उपेक्षा के शिकार बन गए हैं. प्रदूषण के समाधान के लिए कदम उठाना जरूरी है, लेकिन सरकार और प्रशासन को इन कदमों से प्रभावित होने वाले कामगारों की बड़ी तादाद का भी जरूर खयाल रखना चाहिए.

फिक्स्ड टर्म इंप्लॉयमेंट को बिहार सरकार द्वारा लागू करने के खिलाफ बहिष्कार

फिक्स्ड टर्म इंप्लॉयमेंट को बिहार सरकार द्वारा लागू करने के लिए बुलाई गई बैठक का केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने संयुक्त रूप से बहिष्कार किया

मोदी सरकार द्वारा औद्योगिक नियोजन (स्थाई आदेश) अधिनियम 1946 में संशोधन करते हुए “नियत अवधि नियोजन“ (फिक्स्ड टर्म इंप्लॉयमेंट) का प्रावधान किया है.

बिहार की नितीश-भाजपा सरकार द्वारा फिक्स्ड टर्म इंप्लॉयमेंट को स्टैंडिंग आर्डर में शामिल करते हुए इसे बिहार राज्य में लागू करने के लिये बिहार औद्योगिक नियोजन (स्थाई आदेश) नियमावली 1947 में आवश्यक संशोधन के लिये श्रम संसाधन विभाग द्वारा श्रमायुक्त की अध्यक्षता में नियोजन भवन, पटना में 23 नवंबर

झारखंड में पारा शिक्षकों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में राज्यव्यापी प्रतिवाद

विगत 15 नवम्बर 2018 को झारखंड राज्य की स्थापना की अठारहवीं बरसी यानी राजकीय धूमधाम से मनाये जाने वाले ‘स्थापना दिवस’ के अवसर पर राज्य के पारा शिक्षक अपनी मांगों को लेकर रांची पहुंचे थे. कारण यह था कि मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाई थी, जिसने पांच राज्यों का दौरा किया था. इस दौरे के आधार पर भाजपा-शासित दूसरे आदिवासी बहुल राज्य छत्तीसगढ़ की तर्ज पर झारखंड के पारा शिक्षकों को स्थायी कर वेतनमान देने की बात हुई थी. मुख्यमंत्री को पारा शिक्षकों की सेवा स्थाई करने व वेतनमान की घोषणा करनी थी, परन्तु उन्होंने ऐसा नहीं किया.

कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) का 21वां राज्य सम्मेलन संपन्न

8.9 जनवरी को ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाने का आहृान

बिहार राज अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) का तीन दिवसीय 21 वां राज्य सम्मेलन (23-25 नवंबर) गया कॉलेज, गया के मुंशी प्रेमचंद सभागार में संपन्न हुआ. सम्मेलन की अध्यक्षता भाग्यनारायण चौधरी, माधव प्र. सिंह, रामचंद्र प्रसाद, नागेंद्र सिंह, सुधिष्ठ नारायण झा व लालन सिंह के 6-सदस्यीय अध्यक्षमंडल ने किया. झंडोत्तोलन अध्यक्ष भाग्य नारायण चैधरी ने किया. शहीद वेदी पर पुष्पांजलि के साथ शहीदों को दो मिनट मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई.

रिजर्व बैंक और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की रक्षा करो

देश के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक संस्थान, भारत के केंद्रीय बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की स्वायत्तता खतरे में है. और इसी से जुड़ा है सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का अस्तित्व. कॉरपोरेट-परस्त मोदी सरकार भारतीय रिजर्व बैंक को अपने इशारे पर चलाना चाहती है. मोदी सरकार का दबाव है कि केंद्रीय बैंक अपने रिजर्व फंड की एक तिहाई राशि यानी 3 लाख 20 हजार करोड़ रुपये सरकार के खजाने (ट्रेजरी) में डाल दे. अन्यथा भारतीय रिजर्व बैंक कानून की धारा लागू करके भारतीय रिजर्व बैंक गवर्नर की शक्ति क्षीण कर दी जाएगी. मोदी सरकार भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड द्वारा अपने पक्ष में फैसला करवाना चाहती है.

अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा का राष्ट्रीय सम्मेलन

जहानाबाद में गरीब बचाओ-भाजपा भगाओ रैली

अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा (अ.भा.खेग्रामस) के 6ठे राष्ट्रीय सम्मेलन (19-20 नवंबर) के मौके पर 19 नवंबर 2018 को जहानाबाद के ऐतिहासिक गांधी मैदान में दसियों हजार गरीब-गुरबो, मजदूरों का जुटान हुआ. इसमें मुख्यतः जहानाबाद-अरवल जिला और उससे सटे खिजरसराय (गया) व  मसौढ़ी (पटना) आदि इलाकों से आये दलित-गरीब खेत व ग्रामीण मजदूर शामिल थे.

बिहार में आशा संयुक्त संघर्ष मंच का राज्यस्तरीय कन्वेंशन 1 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा

पटना में 16 नवंबर को बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ, आशा संघर्ष समिति व बिहार राज्य आशा संघ सहित बिहार के तीन आशा संघों ने आशा कार्यकर्ताओं के 12 सूत्री ज्वलन्त मांगो पर संघर्ष तेज करने के लिये एक राज्यस्तरीय कन्वेंशन का आयोजन कर बिहार में “आशा संयुक्त संघर्ष मंच“ का गठन किया ओर मांगों की पूर्ति के लिये आगामी 1 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की.

राष्ट्रीय कन्वेंशन में जंतर मंतर पर जुटे देश भर के सफाई कर्मचारी

बहुत हुआ मोदी के स्वच्छ भारत का जुमला, मैला ढोने की प्रथा खत्म करो, सफाई कर्मियों को अधिकार और सम्मान सुनिश्चित करो!

कुछ ही दिन पहले की बात है जब बिहार के दो सफाई कर्मी, विकास पासवान और दिनेश पासवान, की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में एक सीवेज टैंक की सफाई करते हुए जहरीली गैस से दम घुटने से मौत हो गई थी. उस इलाके का सीवेज टैंक दीनापुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ा हुआ था जिसका इन दर्दनाक मौतों के दो ही दिन बाद मोदी ने उद्घाटन किया था. प्रधानमंत्री के मुंह से इन सफाई कर्मियों के लिए एक शब्द तक नहीं निकला, क्या यही है मोदी के स्वच्छ भारत का असल चेहरा?

भगवा गिरोह द्वारा चुनावी माहौल में राम मंदिर के मुद्दे को उभारने की साजिश को ध्वस्त करो मेहनतकश अवाम का साझा प्रतिरोध तेज करो

केन्द्र की मोदी सरकार, यूपी की योगी सरकार और दूसरे राज्यों की भाजपा सरकारों को लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है. इनमें वे राज्य भी शामिल हैं जिनमें अभी चुनाव हो रहे हैं. ऐसे में आरएसएस, भाजपा और अन्य भगवा ताकतों ने बौखलाहट में अयोध्या में राम मंदिर बनाने का मुद्दा फिर से उठाया है. जनता के आक्रोश से बचने में राम मंदिर का मुद्दा उनका आखिरी आसरा है. साथ ही, मोदी, योगी और उनके सिपहसालार चुनावी सभाओं के माध्यम से सांप्रदायिक ध्रुवीकरण तेज करने का हर प्रयास कर रहे हैं

सफाई कर्मियों के अधिकारों व सम्मान के लिए लड़ें, AIMWF कन्वेंशन

स्वच्छ भारत की जुमलेबाजी बंद करो सफाई कर्मियों के सवालों का जवाब दो क्यों हम ही मैला ढोएं? क्यों जाति का भेदभाव सहें? क्यों सीवर के अंदर घुसें? तुम क्यों नहीं? सफाई कर्मियों के अधिकारों व सम्मान के लिए लड़ें, AIMWF कन्वेंशन को सफल करें

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कोयला लोडिंग मजदूरों का लाठी मार्च

रामगढ़ जिला में सीसीएल के अंतर्गत सिरका लोकल सेल में हाथ से कोयला लोडिंग बंद कर दिये जाने और पेलोडर से कोयला लोड की शुरूआत के विरोध में 500 लोडिंग मजदूरों ने 5 अक्टूबर को सिरका परियोजना पदाधिकारी के समक्ष आक्रोशपूर्ण लाठी मार्च किया और मजदूरों की मजदूरी की लूट तथा मजदूरों को बेरोजगार बनाने के खिलाफ आवाज उठाई.

कोयला उद्योग में जन-जागरण अभियान

ऐक्टू के राष्ट्रव्यापी जन जागरण अभियान के मद्देनजर सितंबर-अक्टूबर में कोयला उद्योग में अभियान चलाया गया. इस दौरान ईसीएल के मुगमा एरिया के हड़ियाजाम, श्यामपुर-बी, चांपापुर, लखीमाता कोलियरियों में गेट मीटिंग और आम सभा की गईं. यह कार्यक्रम बीसीसीएल के दहीबाड़ी कोलयरी में भी चलाया गया, वहां भी आम सभा की गई. इसी दौरान संयुक्त अभियान के तहत सीसीएल में रविवार और उसके बदले स्टगर्ड रेस्ट देने पर तथा मजदूरों को अन्यत्र स्थानान्तरण करने पर हरेक कोलयरी में सभा की गई और आन्दोलनात्मक कार्यक्रम चलाये गये. कोयला मजदूरों के अन्दर केन्द्र सरकार और कोल इंडिया प्रबन्धन के खिलाफ गुस्सा व्याप्त है.

‘जस्टिस फॉर जफर’ मंच ने निकाला प्रतिवाद मार्च

राजस्थान के प्रतापगढ़ में 8 अक्टूबर 2018 को ‘जस्टिस फॉर का. जफर मंच’ के बैनर तले नगर पालिका से जिला कलेक्टर तक एक मार्च निकालकर का. जफर को न्याय की मांग की गई. करीब 11.00 बजे प्रतापगढ़ शहर और जिले की विभिन्न तहसीलों से भाकपा-माले एवं ऐक्टू कार्यकर्ता और लोकतंत्र पसंद नागरिक नगर पालिका पर एकत्रित हुए और वहां से ‘का. जफर को न्याय दो, का.

बिहार में कस्तूरबा गांधी विद्यालय के सैकड़ों कर्मियों ने घेरा मुख्यालय

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की सैकड़ों कर्मियों द्वारा 25 अक्टूबर को अपने 10 सूत्री मांगों खासकर नियमितीकरण, मानदेय बढ़ोतरी, आदि के लिए पटना में बिहार शिक्षा परियोजना निदेशक के समक्ष जोरदार नारेबाजी के साथ प्रदर्शन करते हुए कार्यालय को ठप कर दिया. प्रदर्शन का आहृान ‘कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एम्प्लाइज यूनियन (संबद्ध ऐक्टू) ने किया था. प्रदर्शन का नेतृत्व यूनियन की अध्यक्ष कुमारी विद्यावती सिंह ने किया. प्रदर्शनकारी महिलाओं का तेवर देख बाध्य होकर राज्य शिक्षा परियोजना निदेशक ने यूनियन प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाया.

भिलाई स्टील प्लांट में 9 अक्टूबर को हुए हादसे की जाँच रिपोर्ट

सेंटर आँफ स्टील वर्कर्स (संबद्ध ऐक्टू) की एक जाँच टीम ने 9 अक्टूबर, 2018 को कोक ओवन की बैटरी-11 में डी-ब्लाकिंग के दौरान हुए हादसे की जाँच की. इस हादसे में अभी तक 14 कर्मियों की मौत हो चुकी है तथा गंभीर रूप से घायल हुए 9 कर्मियों का ईलाज चल रहा है जिनमें से 3 कर्मियों की स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है.

जाँच टीम ने घटना-स्थल का दौरा किया, कर्मियों से बातचीत की और मृतक व घायल कर्मियों के परिवार वालों से मुलाकात की.

ऐक्टू का दुर्ग जिला सम्मेलन संपन्न

ऐक्टू का दुर्ग जिला सम्मेलन 7 अक्टूबर, 2018 को भिलाई, सेक्टर-6 में सम्पन्न हुआ. सम्मेलन के मुख्य अतिथि ऐक्टू के राष्ट्रीय महासचिव राजीव डिमरी थे तथा पर्यवेक्षक नरोत्तम शर्मा थे. सम्मेलन की शुरूआत दिवंगत साथियों की याद में एक मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि देने से हुई.  

सम्मेलन के सुचारु रूप से संचालन के लिए पाँच सदस्यीय अध्यक्षमंडल बनाया गया जिसमें ऐक्टू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भीमराव बागड़े समेत जयप्रकाश नायर, अशोक मिरी, ए.जी. कुरैशी और मोतम भारती शामिल थे.

बैंकिंग सेक्टर और मोदी सरकार

बैंकिंग सेक्टर में निजीकरण को बढ़ावा देने और कर्ज हड़पने वालों को उबारने के लिए ‘जन धन योजना’ का इस्तेमाल करने की कहानी सौरभ नरूका

भीड़-हिंसा के ‘गुजरात मॉडल’ का ताजातरीन निशाना हैं प्रवासी मजदूर

पिछले महीने के शुरू में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के हजारों प्रवासी मजदूरों को जहर भरे ढंग से ‘बाहरी लोग’ कहकर निशाना बनाया गया और उन पर बर्बरतापूर्ण हमले चलाये गये. 28 सितम्बर 2018 को गुजरात के सबरकांठा जिले में एक नाबालिग लड़की पर तथाकथित बलात्कार के आरोप में बिहार से आये एक प्रवासी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, उसके बाद से ही प्रवासी लोगों को निशाना बनाकर लाठियों और पत्थरों से पीटकर जख्मी किया गया और सोशल मीडिया में नफरत भरे संदेश प्रसारित किए गये.

भूखा भारत

11 अक्तूबर को जारी साल 2018 के ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत 119 देशों में 103वें स्थान पर दिखता है और रिपोर्ट में भारत के भूख के स्तर को ”गंभीर” की श्रेणी में सूचित किया गया है.

पांच साल से कम उम्र का हर पांच में एक भारतीय बच्चा ”वेस्टिंग” से पीड़ित है, यानी भीषण कुपोषण के चलते उनके कद के अनुपात में उनका वजन बहुत ही कम होता है. इस मामले में भारत से अधिक दर सिर्फ दक्षिण सुडान में दिखती है.

तमिलनाडु में ऐक्टू नेताओं का अनिश्चितकालीन अनशन

14 मई 2008 को ‘औद्योगिक रोजगार स्थायी आदेश अधिनियम’ में संशोधन कर इसे तमिलनाडु विधान सभा में सर्वसम्मति से पारित किया गया था. ‘सुमंगली योजना’, जहां प्रशिक्षुओं द्वारा ही 100 प्रतिशत उत्पादन किया जाता है, के खिलाफ उठी आवाजों के जवाब में सरकार ने यह कदम उठाया था. इस अधिनियम की धारा 10 ‘ए’ में प्रशिक्षु, बदली, अस्थायी और आकस्मिक मजदूरों के नियोजन और पुनर्नियोजन के प्रावधान हैं; जबकि धारा 10 ‘बी’ में किसी प्रतिष्ठान में स्थायी व अ-स्थायी श्रमिकों के प्रतिशत-निर्धारण की बात निहित है. बहरहाल, इस पर राष्ट्रपति की सहमति काफी देर से मिली - तर्क यह था कि इस संशोधन से निवेश पर बुरा असर पड़ेगा.

बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ का तीसरा सम्मेलन

आशा को सरकारी कर्मी का दर्जा दो, 18000 मानदेय लागू करो के नारों के साथ ऐक्टू और कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) से संबद्ध ‘बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ’ का तीसरा राज्य सम्मेलन पटना में 3 नवंबर ’18 को संपन्न हुआ. सम्मेलन ने आशा सहित सभी स्कीम वर्करों को आधुनिक गुलाम बनाने वाली मोदी- नितीश सरकार को आगामी चुनाव में धूल चटाने, 1 दिसंबर से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल से मोदी-नितीश के खिलाफ आर-पार की लड़ाई शुरू करने तथा 8-9 जनवरी ’19 को देशव्यापी दो दिवसीय आम हड़ताल को सफल बनाने का आहृान किया.

झारखंड में मिड-डे-मील कर्मियों का जुझारू संघर्ष जारी है

झारखण्ड प्रदेश विद्यालय रसोइया/संयोजिका/अध्यक्ष संघ ने अपनी 15-सूत्री मांगों को हासिल करने के लिये भाजपा-नीत रघुवर सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई छेड़ दी है. उनकी मांगें हैं - बरखास्त किए गए सभी रसोइया और संयोजिकाओं को काम पर वापस लो, तमिलनाडु की तर्ज पर झारखण्ड में भी रसोइया-संयोजिका को चतुर्थ वर्गीय सरकारी कर्मचारी के रूप में बहाल करो, सभी रसोइया-संयोजिका को न्यूनतम वेतन 18,000रु.

सफल रही बिहार में रसोइयों की पांच दिवसीय हड़ताल

19 नवंबर को संसद के समक्ष संयुक्त प्रदर्शन को सफल करने का आहृान

‘बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ’ (संबद्ध ऐक्टू) के नेतृत्व में पांच दिवसीय हड़ताल (5-9 अक्टूबर 2018) को जबरदस्त सफलता मिली. स्वतःस्फूर्त रूप से रसोइयों ने इसमें भागीदारी की. हड़ताल की मुख्य मांगें थीं - रसोइयों को सरकारी कर्मचारी घोषित करो, जब तक सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं होती हैं मानदेय 18000 रुपये करो; रसोइयों को बिहार सरकार की चौधरी कमेटी की सिफारिशों का लाभ दो; ईपीएपफ-ईएसआई का लाभ दो; पूरे साल के मानदेय का भुगतान किया जाए, मानदेय का भुगतान नियमित किया जाए; उन्हें पार्ट-टाइम वर्कर न कहा जाए आदि.

डीटीसी ठेका कर्मचारियों की ऐतिहासिक हड़ताल

वापस लेना पड़ा वेतन कटौती का सर्कुलर एस्मा को दरकिनार कर हज़ारों कर्मचारी हड़ताल में उतरे

ऐक्टू से सम्बद्ध ‘डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर’ द्वारा बुलाई गई और डीटीसी वर्कर्स यूनियन (एटक) एवं डीटीसी एम्प्लाइज कांग्रेस (इंटक) द्वारा समर्थित 29 अक्टूबर, 2018 को एक दिवसीय हड़ताल ने दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के पहियों को बुरी तरीके से जाम कर दिया. डीटीसी के ग्यारह हज़ार से ज्यादा ठेका कर्मचारियों और कई स्थाई कर्मचारियों ने हड़ताल में हिस्सा लिया.

भाजपा ब्रिगेड की फूटपरस्त और भटकाऊ साजिश को नाकाम करें

जैसे-जैसे चुनाव का महत्वपूर्ण मौसम नजदीक आ रहा है, संघ-भाजपा की साजिश की रूपरेखाएं दिनों-दिन और भी स्पष्ट होती जा रही हैं. 2019 के महासमर से पहले प्रकट हो रहे भाजपा के एजेण्डा और प्रचार अभियान के हम चार प्रमुख संकेतकों की शिनाख्त कर सकते हैं.

विष्णु खरे

विष्णु जी नहीं रहे. हिंदी साहित्य संसार ने एक ऐसा बौद्धिक खो दिया, जिसने ‘बिगाड़ के डर से ईमान’ की बात कहने से कभी भी परहेज नहीं किया. झूठ के घटाटोप से घिरी हमारी दुनिया में ऐसे लोग बहुत कम रह गए हैं. निर्मम आलोचना की यह धार बगैर गहरी पक्षधरता और ईमानदारी के सम्भव नहीं हो सकती थी.

बनाव और मुँहदेखी उनकी जिंदगी से खारिज थे. चुनौतियों का सामना वे हमेशा सामने से करते थे. अडिग-अविचल प्रतिबद्धता, धर्मनिरपेक्ष-प्रगतिशील-जनवादी दृष्टि और विभिन्न मोर्चों पर संघर्ष करने का अप्रतिम साहस हमारे लिए उनकी विरासत का एक हिस्सा है.

अलविदा शमशेर दा!

अपना संपूर्ण जीवन इस शोषणकारी सत्ता के शोषण और दमन के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए 22 सितंबर 2018 को डा. शमशेर सिंह बिष्ट इस दुनिया से चले गए. वे शमशेर दा के नाम से प्रिय थे और उत्तराखंड के अल्मोड़ा शहर में रहते थे. उत्तराखंड के जनसरोकारों से जुड़े ढेर सारे क्षेत्रीय नेताओं से वे इस मायने में अलग थे कि शमशेर दा पहाड़ की जनता की बुनियादी समस्याओं के समाधान को देश की बुनियादी समस्याओं के समाधान के अंदर ही देखते थे. यही कारण था कि अपनी युवावस्था में सर्वोदय आंदोलन के प्रभाव के साथ ही वे मार्क्सवाद से भी प्रभावित हुए.

कोंडापल्ली कोटेश्वरम्मा: एक सदी का संघर्ष

19 सितंबर 2018 को का0 कोंडापल्ली कोटेश्वरम्मा का निधन हो गया - उन्होंने 5 अगस्त 2018 को अपने जीवन के सौ वर्ष पूरे किए थे. वे स्वतंत्रता सेनानी थीं, कम्युनिस्ट कार्यकर्ता थीं, एक नारीवादी थीं, लेखिका और कवयित्री थीं.

विजयवाड़ा के निकट पमारू गांव के एक मध्यम वर्गीय परिवार में 5 अगस्त 1918 को उनका जन्म हुआ था. का0 चंद्र राजेश्वर राव से प्रेरणा पाकर 18 वर्ष की उम्र में कोटेश्वरम्मा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ी. उन्होंने पार्टी के नेता कोंडापल्ली सीतारमैया के साथ शादी कर ली. तेलंगाना सशस्त्र किसान आंदोलन के दौरान वे अपने बच्चों को छोड़कर दो वर्ष के लिए भूमिगत हो गई थीं.

शंकर गुहा नियोगी के शहादत दिवस पर रैली का आयोजन

28 सितंबर को छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा (छमुमो) के नेता शहीद शंकर गुहा नियोगी के शहादत दिवस पर रेलवे स्टेशन दुर्ग से विशाल रैली निकली जो मालवीय चैक से जीई रोड होते हुए हुडको स्थित का0 नियोगी के शहादत स्थल पहुंची जहां झंडोत्तोलन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. तत्पश्चात हुडको के मैदान में बने पंडाल में एक बड़ी सभा आयोजित की गई.

उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन का जुझारू प्रदर्शन

ऐक्टू से संबद्ध ‘उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन’ ने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा ‘‘आशाओं के साथ बात’’ कार्यक्रम के बाद की गई धोखाधड़ी भरी घोषणा के विरुद्ध 14 सितम्बर 2018 को राज्यव्यापी विरोध कार्यक्रम के तहत नैनीताल, रुद्रपुर, पिथौरागढ़, रानीखेत, भिकियासैंण, लोहाघाट, रामनगर, टनकपुर आदि अनेक स्थानों पर धरना-प्रदर्शन-जुलूस निकालकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा.

ऐक्टू के बैनर तले कोलकाता में मिड-डे मील कर्मियों का विरोध प्रदर्शन

ऐक्टू से संबद्ध ‘ऑल बंगाल संग्रामी मिड-डे मील कर्मी यूनियन’ के आहृान पर 26 सितंबर 2018 को कोलकाता स्थित सियालदह स्टेशन पर सैकड़ों मिड-डे मील कर्मियों की रैली और विरोध प्रदर्शन का आयोजन हुआ. प्रदर्शन को ऐक्टू के राज्याध्यक्ष अतनु चक्रवर्ती, यूनियन की सचिव जयश्री दास, उपाध्यक्ष अर्चना घटक, ऐपवा की उपाध्यक्ष कल्यानी गोस्वामी और सचिव इंद्राणी दत्ता, आदि ने संबोधित किया. सभा की अध्यक्षता यूनियन की अध्यक्ष मीना पाल ने की. प्रदर्शन से यह फैसला लिया गया कि 1 अक्टूबर को शिक्षा मंत्री से मिलकर मांगों का ज्ञापन दिया जायेगा. मांगों में 18,000रू.

बिहार में विद्यालय रसोइया संघ ने 5-9 अक्टूबर 2018 तक राज्यव्यापी हड़ताल का आहृान किया

विद्यालय रसोइया अपने मानदेय को बढ़ाने के लिए, सरकारी कर्मचारी घोषित करने, जब तक सरकारी कर्मचारी नहीं हो जातीं, मानदेय 18,000 रुपये करने के सवाल पर लगातार आन्दोलन कर रहे हैं. 2015 में लम्बे आन्दोलन के बाद बिहार में अशोक चौधरी की अगवाई में उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया जिसे तमाम संविदा कर्मियों व मानदेय कर्मियों की स्थिति पर रिपोर्ट सरकार को देनी थी.

भारत में तेल की कीमतें कैसे निर्धारित होती हैं और वे आसमान क्यों छू रही हैं ?

भारत में पेट्रोल की कीमत अपने पिछले ऊंचे रिकार्ड को भी पार कर गई और 19 सितंबर को मुंबई में वह 88.12 रुपये प्रति लीटर हो गई. उस समय दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 80.73 रुपये प्रति लीटर थी और डीजल 72.83 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था. मुंबई में डीजल की कीमत 77.32 रुपये प्रति लीटर थी.

एआईसीडब्लूएफ के आहृान पर 5 सितंबर को हुए निर्माण मजदूरों के देशव्यापी प्रदर्शन

केंद्र की मोदी सरकार द्वारा श्रम कानूनों को खत्म करने, कल्याण बोर्ड कोष की राशि को हड़पने व कॉरपोरेटों के हवाले करने तथा जीएसटी के नाम पर कल्याण कोष के लिये सेस वसूली पर रोक लगाने की साजिश के खिलाफ और निर्माण मज़दूरों के लिये 1996 में बने कानून के तहत राज्यों में बनी नियमावली व कल्याण योजनाओं को पूरे देश में समान रूप से लागू करने, बालू मज़दूरों को निर्माण मजदूर की श्रेणी में शामिल करने, मजदूरों को शहरों में आवासीय कालोनी देने तथा गाँवों में आवासीय जमीन का पट्टा देने, कई राज्यों में बंद हो चुके अनुदान वितरण व निबंधन को फिर चालू करने, मृत्यु हित लाभ अनुदान मुहैया कराने, पारिवारिक पेंशन चालू करने

वेतन कटौती समेत अन्य हमलों के खिलाफ डीटीसी के ठेका श्रमिकों का प्रतिवाद

29 अक्टूबर को एक दिन की हड़ताल का ऐलान

न्यूनतम वेतन में कटौती के खिलाफ और समान काम के लिये समान वेतन एवं नियमितीकरण के लिये ऐक्टू से संबद्ध डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर के आहृान पर डीटीसी के ठेका कर्मियों ने 25-28 सितंबर को 40 से ज्यादा डीटीसी डिपो में सुबह 6 से शाम 6 बजे तक स्ट्राइक बैलट में हिस्सा लिया और लगभग 12 हज़ार में से 10 हज़ार से अधिक ठेका कर्मियों यानी 92.2 प्रतिशत ने हड़ताल के पक्ष में डाल कर संघर्ष का बिगुल बजा दिया. बाद में हुई बैठक में 29 अक्टूबर को एक दिन की हड़ताल का ऐलान किया गया.

श्रमिकों का राष्ट्रीय सम्मेलन 8-9 जनवरी 2019 को दो दिन की देशव्यापी आम हड़ताल का ऐलान

देश के 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन संगठनों और स्वतंत्र फेडरेशनों के संयुक्त मंच के बैनर तले मजदूरों का राष्ट्रीय सम्मेलन 28 सितंबर 2018 (शहीद-ए-आजम भगत सिंह का जन्म दिवस) को मावलंकर हॉल, नई दिल्ली में आयोजित किया गया. सम्मेलन ने एक घोषणापत्र (देखें बाक्स) जारी किया. घोषणापत्र में मोदी सरकार की जन-विरोधी, मजदूर-विरोधी, राष्ट्र-विरोधी नीतियों व कदमों, सरकार द्वारा मजदूरों की 12-सूत्री मांगों को नजरअंदाज करने और उनपर हमलों को निरंतर बढ़ाने के खिलाफ आंदोलन को और अधिक तेज करने के लिये 8 और 9 जनवरी 2019 को दो दिन की देशव्यापी आम हड़ताल का ऐलान किया.  

भागवत उवाचः जब तक मौका है, चांदी काट लो

जैसे-जैसे वर्ष 2019 नजदीक आता जा रहा है, संघ-भाजपा संगठनों ने बड़े पैमाने पर हर किस्म के लोगों को अपने खेमे में बटोरने के लिये चौतरफा प्रयास शुरू कर दिये हैं. कुछ दिनों पहले हम रोज-ब-रोज नजारा देख रहे थे कि अमित शाह 2019 में समर्थन हासिल करने के लिये जाने-माने नागरिकों के दरवाजे खटखटा रहे हैं. हमने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी नागपुर में आरएसएस के प्रचारकों के एक समापन सत्र को सम्बोधित करने का नजारा देखा.

कुलदीप नैय्यर - लोकतंत्र के सच्चे प्रहरी

वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैय्यर लोकतंत्र और मानवाधिकारों के सच्चे प्रहरी थे. इमरजेंसी का दौर हो या 59 संविधान संशोधन के जरिये पंजाब में पुलिस और सेना को बेलगाम छूट, कुलदीप नैय्यर हमेशा दमनकारी सत्ता के खिलाफ न सिर्फ लिखते रहे बल्कि सड़क पर भी आंदोलनकारी जनता के साथ खड़े दिखे. बिहार के बथानी टोला जनसंहार में पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए 22 अगस्त 1996 को दिल्ली में बनी एक कमेटी में मशहूर मानवाधिकार कार्यकर्ता वीएम तारकुंडे और राजेन्द्र सच्चर के साथ कुलदीप नैय्यर भी थे. इंदिरा निरंकुशता विरोधी लड़ाई के दौर में आइपीएफ के साथ कई संयुक्त आंदोलनों में उनकी भागीदारी रही.

नार्थ सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन ने उत्तर मध्य रेलवे के आगरा मंडल मे किया जोरदार प्रदर्शन

9 अगस्त 2018 को उत्तर मध्य रेलवे आगरा मंडल कार्यालय पर ऐक्टू से संबद्ध नार्थ सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन (एनसीआरडब्लूयू) के नेतृत्व में केंद्र सरकार की देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय एवं रणनीतिक सेक्टर रेलवे को देसी-विदेशी हाथों में बेचने और रेलवे कर्मियों पर चौतरफा हमला बोल देने के खिलाफ और साथ ही रेलवे में कार्यरत प्रमुख, मान्यता प्राप्त यूनियनों के घुटनाटेकू रवैये के खिलाफ “पोल-खोल अभियान“ के तहत जोरदार प्रदर्शन किया गया.

सेंटर ऑफ स्टील वर्कर्स की जांच टीम ने ब्लास्ट फरनेस में हुई दुर्घटना की जांच की

सेंटर ऑफ स्टील वर्कर्स की एक जांच टीम ने 9 अगस्त को भिलाई स्टील प्लांट के ब्लास्ट फरनेस-4 और 5 की स्लैग डिस्पेच रूट की गैलरी सी-5 का लगभग 20 मीटर हिस्सा के गिर जाने की घटना की जांच की. जांच टीम में श्याम लाल साहू, बृजेंद्र तिवारी और घनश्याम त्रिपाठी शामिल थे.

सेंटर ऑफ स्टील वर्कर्स की वार्षिक आमसभा

12 अगस्त को भिलाई स्टील प्लांट में कार्यरत यूनियन सेंटर ऑफ स्टील वर्कर्स (संबद्ध ऐक्टू) की वार्षिक आमसभा सेक्टर-4 स्थित गुजराती भवन में संपन्न हुई. श्रम-संघर्षों में शहीद हुए साथियों की श्रद्धांजलि के साथ अशोक मिरी, आर.के. जायसवाल, हेमंत टंडन की अध्यक्षता और वरिष्ठ साथी शिवकुमार प्रसाद के आतिथ्य में कार्यक्रम की शुरूआत हुई. ए. शेखर राव पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित रहे. जनकवि वासुकि प्रसाद उन्मत्त द्वारा जनगीत की प्रस्तुति के उपरांत महासचिव श्याम लाल साहू ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और कोषाध्यक्ष बृजेंद्र तिवारी ने वार्षिक आय-व्यय का विवरण दिया.

उत्तराखंड में आशा कर्मियों का विभिन्न ब्लाॅकों में प्रदर्शन

उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स  यूनियन (संबद्ध-ऐक्टू) द्वारा अपनी मांगों के लिये अगस्त माह में राज्य के विभिन्न ब्लॉकों में प्रदर्शन किया गया और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया. यूनियन नेताओं ने कहा कि, आशाओं को मातृ, शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए भर्ती किया गया था. सरकारी आंकड़े गवाह हैं कि आशाओं के आने के बाद सभी क्षेत्रों में मातृ शिशु मृत्यु दर में भारी कमी आयी है और जच्चा बच्चा स्वास्थ्य भी बेहतर हुआ है परंतु आशाएं अब भी न्यूनतम मासिक वेतन से वंचित हैं.

बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ ने 16 अगस्त को दर्जनों प्राइमरी हेल्थ केंद्रों पर पुतला दहन किया

बिहार में आशाओं के सम्मान और पहचान को लेकर बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ (संबद्ध ऐक्टू) के तहत कई लड़ाइयां लड़ी गयी हैं. आशा विश्राम गृह के मामले में जीत भी मिली है. डॉक्टरों के जरिये नौकर जैसा व्यवहार होता था उसपर रोक लगी है. अभी हाल ही में रोहतास ज़िला के तिलौथू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर ने 10 अगस्त की रात्रि ड्यूटी पर आई आशा के साथ शराब पी कर दुर्व्यवहार किया था. शिकायत करने पर वह फिर आशाओं के साथ बदतमीजी करने लगा. इसके खिलाफ आशाओं ने कार्य के बहिष्कार के साथ काम ठप कर दिया और धरने पर बैठ गईं.

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज मेस वर्कर्स यूनियन ने मनाई 50वीं सालगिरह

14 अगस्त को पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज मेस वर्कर्स यूनियन ने यूनियन की 50वीं सालगिरह मनाई. यह यूनियन वर्ष 2010 में ऐक्टू के साथ संबद्ध हुई थी. इसमें यूनियन द्वारा आज तक किए गए कार्यों पर चर्चा की गई. और साथ ही यूनियन कि उपलब्धियों का जिक्र हुआ, और साथ ही कमियों पर मंथन किया गया. यूनियन के प्रधान सतीश कुमार ने यूनियन द्वारा किए गए बड़े संघर्षों, जिनमें वर्करों को करोड़ों रुपयों का रुका ईपीएफ मिलने की जीत शामिल है, का जिक्र किया.

ऑल इंडिया हेल्थ इम्प्लाइज एंड वर्कर्स कन्फेडरेशन द्वारा 50 घंटे का धरना और रैली का आयोजन

ऑल इंडिया हेल्थ इम्प्लाइज एंड वर्कर्स कन्फ़ेडरेशन के बैनर तले देशभर के स्वास्थ्य कर्मचारियों के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने डा. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल, दिल्ली के बाहर 27 अगस्त से लगातार 50 घंटे का धरना आयोजित किया जिसमें हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, यूपी, बिहार, झारखंड, बंगाल, ओडिशा, कर्नाटक, महाराष्ट्र आदि राज्यों के अस्पतालों से भागीदारी हुई. धरने का समापन आरएमएल अस्पताल से लेकर गोल डाकखाने तक जुलूस निकालकर किया गया. धरने को ऐक्टू समेत कई दूसरे संगठनों का समर्थन मिला.

बेरोजगारी और मजबूरी में पलायन के खिलाफ गढ़वा में मार्च

झारखंड राज्य में रोजगार के अभाव में पलायन के कारण आंध्र प्रदेश के पत्थर क्रैशर प्लांट में रेजो और बाना गांव के नौजवान मजदूर मुनिप पासवान व कंचन पासवान के मारे जाने के खिलाफ ऐक्टू से संबद्ध झारखंड जनरल मजदूर यूनियन व भाकपा-माले के बैनर तले गत 7 अगस्त 2018 को गढ़वा जिला के मेराल हाई स्कूल के मैदान से मुख्य सड़क होते हुए प्रखंड कार्यालय तक प्रतिवाद मार्च निकाला गया. बाद में प्रदर्शनकारियों की ओर से झारखंड के राज्यपाल के नाम 7 सूत्री मांगपत्र प्रखंड विकास पदाधिकारी, मेराल को सौंपा गया. तत्पश्चात प्रखंड कार्यालय और मेराल डंडई चैक पर प्रतिवाद सभा की गई.

ऐक्टू के नेतृत्व में बंगलौर जल आपूर्ति कर्मियों की जीत

ऐक्टू के नेतृत्व में बंगलौर जल आपूर्ति (बीडब्लूएसएसबी) के सैकड़ों कर्मियों ने श्रमायुक्त कार्यालय के समक्ष 13 अगस्त को जुझारू प्रदर्शन कर अनिश्चितकालीन धरने पर जाने की चेतावनी दी जिससे बंगलौर में जल आपूर्ति प्रभावित होनी शुरू हो गई. प्रदर्शनकारी मजदूर  

मासिक न्यूनतम मजदूरी के बतौर 15,121रू., बोनस और समान काम के लिये समान वेतन की मांग कर रहे थे. श्रम कार्यालय द्वारा 17 अगस्त को वार्ता करने के लिये नोटिस जारी किया गया जिसे मजदूरों ने नकार दिया और तत्काल वार्ता की मांग की जिसके दबाव में वार्ता का दिन 14 अगस्त तय किया गया.

ऑल इंडिया म्युनिसिपल वर्कर्स फेडरेशन का दूसरा राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न

ऑल इंडिया म्युनिसिपल वर्कर्स फडरेशन (एआईएमडब्लूएफ-संबद्ध ऐक्टू) का दूसरा राष्ट्रीय सम्मेलन 25 अगस्त 2018 को पुणे महानगरपालिका कर्मचारी यूनियन के कार्यालय, श्रमिक भवन, शिवाजी नगर (का. ए.डी. भोसले नगर, का. स्वपन मुखर्जी सभागार एवं का. डी.पी. बक्शी मंच) में सम्पन्न हुआ.

न्यूनतम वेतन में वृद्धि के लिए असम में चाय बागान मजदूरों की हड़ताल

20 अगस्त 2018 को, ज्वाइंट एक्शन कमेटी ऑफ टी वर्कर्स वेज (जेएसीटीडब्लूडब्लू) ने चाय बागान मजदूरों के लिए 351.33रु. दिहाड़ी की मांग के लिए एक दिवसीय हड़ताल (बागिसा बंद) का आहृान किया. ये असम के चाय बागान मजदूरों की लंबे समय से चली आ रही मांग है, और जेएसीटीडब्लूडब्लू ने इसी मांग के आधार पर यह संघर्ष खड़ा किया है.

पश्चिम बंगाल में चाय बागान मजदूरों की हड़ताल

पश्चिम बंगाल हो या असम, चाय बागान के दिहाड़ी मजदूर भूखों मर रहे हैं. भारतीय रेल के बाद चाय-बागान देश की दूसरे नंबर का सबसे ज्यादा श्रम-शक्ति का इस्तेमाल करने वाला उद्योग है, जहां लाखों मजदूरों को गुज़ारे लायक वेतन तक से वंचित किया जा रहा है, जिसका नतीजा है भुखमरी से मौत, और ये भयावह हालत सिर्फ बंद चाय-बागानों तक ही सीमित नहीं है.

मोदी के भारत में मार्क्स की 200वीं जन्मवार्षिकी: मार्क्स के विचार प्रतिरोध के हथियार हैं

हम मार्क्स के जन्म की द्विशतवार्षिकी मना रहे हैं. एक ऐसे समय, जब संघ ब्रिगेड ने लोकतंत्र पर जहरीला हमला कर दिया है और वह समूचे देश और समाज पर संघ की विचारधारा को जबरदस्ती थोप देने की कोशिश कर रहा है, तब मार्क्स की 200वीं जन्मवार्षिकी हमें मार्क्स के क्रांतिकारी विचारों को व्यापक रूप से प्रसारित करने और उन पर चर्चा करने तथा लोकतंत्र, आजादी और बराबरी के लिये एक सशक्त संग्राम छेड़ देने का हमें बहुत बड़ा मौका दे रही है.

चार दशक पहले इन्दिरा इमरजेन्सी की तरह मोदी इमरजेन्सी को भी निर्णायक शिकस्त दो!

जैसे-जैसे 2019 के चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं, मोदी सरकार तमाम किस्म की असहमति जाहिर करने वाली शख्सियतों को, जिनमें भारत के सर्वाधिक विश्वसनीय और सम्मानित मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं सार्वजनिक ख्यातिप्राप्त बुद्धिजीवी भी शामिल हैं, बड़े पैमाने की धरपकड़ और दमन के शिकंजे में कसती जा रही है.

Pricol workers demonstration

Pricol workers put under partial lock out planned a demonstration today. Police denied permission. In the same place seventy of them gathered and mobilized funds for kerala. In one hour they mobilized ₹35000. Comrade S.Kumarasami Tamilnadu State Secretary, com. Balasubramanian Coimbatore party secretary, Comrades Louis and Dhamodaran of AICCTU, Pricol KMPTOS office bearers Comrades Natarajan, Jayaprakash Narayanan, Ratheesh, Babu, com Suresh of DAA joined them.

केरल में बाढ़ से हो रही भीषण तबाही से राहत के लिए सहयोग की अपील

नई दिल्‍ली 16 अगस्‍त 2018.

केरल में बाढ़ से हो रही भीषण तबाही और जान-माल की क्षति गहरी चिन्‍ता और दुख की बात है. वहां कई लोग बाढ़ में मारे जा चुके हैं, घरों और सम्‍पत्ति का भारी नुकसान हुआ है, बड़ी संख्‍या में लोग विस्‍थापित हुए हैं, और राज्‍य में आवश्‍यक सेवायें बुरी तरह से तहस-नहस हो रही हैं.

विजय कान्त ठाकुर

मिथिलांचल के कम्युनिष्ट आंदोलन के बड़े योद्धा माकपा के पूर्व राज्य सचिव विजय कान्त ठाकुर का आज अहले सुबह देहांत हो गया।अंतिम दर्शन के लिए जा रहा हूँ।उम्र के इस पड़ाव पर भी वे सक्रिय थे।पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे।

ऐक्टू की जम्मू एवं कश्मीर इकाई की स्थापना हुई

22 जुलाई 2018 को ऐक्टू की जम्मू एवं कश्मीर इकाई की स्थापना हुई. इस संबंध में हुई बैठक का उद्घाटन फेडरेशन ऑफ यूनियनस् ऑफ इंडस्ट्रीयल वर्कर्स (एफयूआईडब्लू) के अध्यक्ष और भाकपा-माले के राज्य सचिव निर्दोष उप्पल ने किया. बैठक में फेडरेशन से जुड़ी तमाम ट्रेड यूनियनों के नेताओं ने भागीदारी की. इस मौके पर ऐक्टू के महासचिव राजीव डिमरी और भाकपा-माले के केंद्रीय कमेटी सदस्य सुखदर्शन सिंह नत्त मौजूद थे.

क्रोनीवाद और भ्रष्टाचार: मोदी मार्का शासन के प्रतीक चिन्ह

मोदी सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) द्वारा गठित ‘शक्ति-प्रदत्त विशेषज्ञ समिति (ईईसी) की ओर से अभी तक अस्तित्व-हीन जियो इंस्टीट्यूट ऑफ रिलायंस फाउंडेशन को ‘इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस’ (उत्कृष्ट संस्थान - आइओई) का तमगा प्रदान करने का फैसला खुल्लमखुल्ला क्रोनीवाद (पिट्ठू या भाई-भतीजावाद) को रेखांकित करता है जो मोदी मार्का शासन का खास प्रतीक है.

भाजपा कैसे हिंसक भीड़ की सहायता और स्वागत करती है

भारत औपनिवेशिक अवधि में अनेकानेक दंगों और जनसंहारों का गवाह रहा है और इसने उपनिवेशोत्तर काल में भी ढेरों जन-हत्याओं और राज्य के सशस्त्र बलों के द्वारा गैर-न्यायिक एनकाउंटरों को भी देखा है; लेकिन ‘लिंचिंग’ के नाम से जिस किस्म की प्रायोजित भीड़ हिंसा चल रही है, वह तो मोदी राज का एक अनूठा प्रतीक-चिन्ह बन गई है. 30 मई 2015 को राजस्थान के नागौर में अब्दुल गफ्फार कुरैशी की हत्या की पहली घटना के बाद से लिंचिंग पीड़ितों की संख्या 120 को भी पार कर गई है. यह लिंच मॉब परिघटना ‘न्यू इंडिया’ के लिए मोदी शासन का सबसे बड़ा योगदान है.

ग्रामीण डाक सेवकों का विलक्षण संघर्ष बनाम सरकारी तंत्र की बाजीगरी

भारतीय ट्रेड यूनियन आंदोलन, विशेषकर डाक कर्मचारियों के संघर्ष के इतिहास में, ग्रामीण डाक सेवकों की 22 मई 2018 से प्रारम्भ हुई 16 दिवसीय हड़ताल कई मायनों में विलक्षण और अद्वितीय रही. यों तो इससे लम्बी हड़तालों का इतिहास है. 1945 में डाक विभाग के डाकियों की हड़ताल 45 दिनों तक चली थी लेकिन इस हड़ताल का कोई तात्कालिक प्रत्यक्ष लाभ कर्मचारियों को मिला नहीं था. पर इस 16 दिवसीय हड़ताल की विशेषता यह रही कि हड़ताल में सदस्यों की प्रायः शत प्रतिशत भागीदारी रही और 16 दिनों तक चलने के बाद भी सदस्यों के मनोबल में रत्ती भर भी कमजोरी नहीं आई.

सामाजिक सुरक्षा कोड पर सरकार द्वारा बुलाई गई बैठकों का केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने बहिष्कार किया

ऐक्टू समेत दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (बीएमएस छोड़कर) ने सामाजिक सुरक्षा कोड पर सरकार द्वारा बुलाई गई जोनल स्तर की बैठकों का संयुक्त रूप से बहिष्कार किया. सामाजिक सुरक्षा कोड पर मोदी सरकार के श्रम मंत्रालय द्वारा बुलाई गई बैठकों का यह तीसरा दौर है जिसके तहत इसी माह यानी जुलाई में दो जोनों - उत्तरी और पूर्वी - की बैठकें रखी गईं. 27 जुलाई को भुवनेश्वर स्थित मेफेयर होटल जहां पूर्वी जोन की बैठक रखी गई थी, के समक्ष केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने प्रदर्शन कर बैठक का बहिष्कार किया.

मोदी राज भीड़तंत्र का शासन बन चुका है भारत को मोदी के गिरोहों से बचाओ

20 जुलाई को मोदी सरकार ने पहली बार संसद में अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का सामना किया. यद्यपि सरकार ने मतदान में अच्छे-खासे बहुमत से विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को हरा दिया, फिर भी बहस के दौरान सरकार बुरी तरह से बेनकाब हो गई. यहां तक कि मतदान के पैटर्न ने मोदी सरकार के लिये शक्तियों के एक प्रतिकूल पुनर्संयोजन का इशारा दिया. अविश्वास प्रस्ताव तेलगू देशम पार्टी की ओर से पेश किया गया था जो हाल के अरसे तक भाजपा की एक बड़ी सहयोगी पार्टी थी.

पाकिस्तान की संसद के ताज़ा चुनाव में कम्युनिस्ट उमीदवार का. अली वज़ीर ने शानदार जीत हासिल की

पाक सेना और आईएसआईएस से लड़ने वाले का. अली वज़ीर वज़ीरिस्तान से 23 हज़ार मतों से जीत गये. इनकी पार्टी का नाम पश्तून तहफूज़ मूवमेंट (पीटीएम) है. मार्क्सवाद - लेनिनवाद पर चलने वाली यह पार्टी वजीरिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और बलोचिस्तान में सक्रिय है.

शिक्षिकाओं का पटना में राज्य सम्मेलन

बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ (गोप गुट) के नेतृत्व में 19 जुलाई 2018 को नेशनल फोरम ऑफ वीमेन टीचर्स (शिक्षिकायें) की बिहार इकाई का एक दिवसीय राज्य सम्मेलन पटना में संपन्न हुआ. सम्मेलन के खुले सत्र का उद्घाटन बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ (गोप गुट) के महासचिव नागेंद्र सिंह ने किया और प्रतिनिधि सत्र का उद्घाटन संघ के अध्यक्ष रघुवर रजक ने किया.

पंजाब में नरेगा मजदूरों ने बीडीपीओ कार्यालयों का घेराव किया

ऐक्टू से संबद्ध मजदूर मुक्ति मोर्चा और भाकपा-माले के झंडे तले मनरेगा मजदूरों ने पंजाब के धारीवाल, बटाला और गुरदासपुर में बीडीपीओ कार्यालयों का घेराव किया और धरने संगठित किये. साथ की बीडीपीओ के माध्यम से राज्य सरकार को मांगपत्र भी भेजा गया. भाकपा-माले के राज्य सचिव गुरमीत सिंह बख्तपुरा, ऐक्टू राज्य सचिव

नवउसारी मिस्त्री मजदूर यूनियन, मानसा ;पंजाबद्ध के नेतृत्व में निर्माण मजदूरों का 65 दिनों का सफल धरना

नवउसारी मिस्त्री मजदूर यूनियन, मानसा (पंजाब) की अगुवाई में निर्माण मजदूरों ने 15 मई 2018 से डी.सी. कॉम्प्लेक्स पर 65 दिन लंबा धरना दिया. धरने के माध्यम से उसारी मजदूरों का वेलफेयर बोर्ड द्वारा नवीकरण, बच्चों के वजीफे, सगुन स्कीम, अनुग्रह अनुदान और साल 2014-15 से बंद पड़े काम को चालू करवाने जैसी मांगों को उठाया गया. धरने का नेतृत्व गुरजंट सिंह, रणजीत सिंह तामकोट और  नरिन्दर कौर बुर्ज हमीरा ने किया.

ऐक्टू के नेतृत्व मे रेलवे और इफ्को के ठेका मजदूरों ने इलाहाबाद के जिलाधिकारी कार्यालय पर किया प्रदर्शन

ऐक्टू के नेतृत्व मे ठेका मजदूरों ने इलाहाबाद के जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया जिसमें एनसी रेलवे (इलाहाबाद) और इफ्को (फूलपुर) कारखाने के सैकड़ों ठेका मजदूर शामिल थे.

एल एंड टी, पुडुचेरी के छंटनीग्रस्त मजदूरों का संघर्ष जारी है

एल एंड टी (लारसन एंड टुब्रो लि.), पुडुचेरी के 157 छंटनीग्रस्त मजदूरों ने अपने संघर्ष को जारी रखते हुए 9 जुलाई को अपने परिवारों के सदस्यों के साथ मिलकर विशाल जुलूस निकाला और विधानसभा के समक्ष प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के माध्यम से उन्होंने सेवा की निरंतरता एवं तमाम लाभों की अदायगी के साथ पुनर्बहाली की मांग उठाई. कई छंटनीग्रस्त मजदूर ऐसे भी हैं जो लगातार 10 वर्षों से कंपनी में कार्यरत हैं.

हजारीबाग एरिया की कोलियरी में हुई दुर्घटना की जांच के लिये गई सीएमडब्लूयू की जांच टीम

सीसीएल के हजारीबाग एरिया स्थित नार्थ तापिन कोलियरी में 21 जुलाई 2018 को हुई दुर्घटना की जांच के लिये ऐक्टू से संबद्ध कोल माइंस वर्कर्स यूनियन की एक तीन-सदस्यीय जांच टीम ने केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य जगरनाथ उरांव की अगुवाई में दुर्घटना स्थल का दौरा किया और घायलों एवं मारे गए मजदूरों के परिजनों से मुलाकात की. जांच टीम के अन्य सदस्य थे - कुजू एरिया के सचिव महादेव मांझी एवं केंद्रीय कमेटी सदस्य शिव शंकर उरांव. इस हादसे में चार कोयला श्रमिकों की मौत हो गई और चार श्रमिक घायल हुए.

दिल्ली में श्रमिकों की हड़ताल सफल रही

ऐक्टू समेत दस केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा दिल्ली में 20 जुलाई 2018 को आहूत मजदूरों की हड़ताल जोरदार ढंग से सफल रही. ट्रेड यूनियनें मांग कर रही थीं कि दिल्ली की ‘आप’ सरकार दिल्ली में खुद अपने चुनावी घोषणापत्र में मजदूरों के साथ किये गये वादों को शब्दशः पूरा करे - इतने वर्षों तक सरकार में रहने के बावजूद अभी तक इन वादों को निभाना बाकी रह गया है और मुख्यमंत्री यूनियनों से मुलाकात करने में कतरा रहे हैं. हड़ताल के जरिये श्रम कानूनों में मोदी सरकार द्वारा किये जा रहे मजदूर-विरोधी संशोधनों की जोरदार ढंग से खिलाफत की गई.

झारखंड में श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी संशोधनों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों ने मनाया राज्यव्यापी विरोध् दिवस

झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में राज्य की रघुवर सरकार द्वारा विपक्ष के विरोध के बावजूद बिना चर्चा कराये 20 जुलाई 2018 को तीन मजदूर विरोधी विधेयक पारित कर दिये गये, जिसके खिलाफ ट्रेड यूनियनों ने 26 जुलाई को राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया और विधेयक की प्रतियां जलाईं. इस कार्यक्रम के तहत रांची में मार्च आयोजित की गयी जिसका नेतृत्व ऐक्टू की ओर से राज्य महासचिव शुभेंदु सेन ने किया. इस विरोध दिवस का आहृान चार केंद्रीय ट्रेड यूनियनों - ऐक्टू, सीटू, एटक और इंटक - द्वारा किया गया.  ट्रेड यूनियनों ने सरकार की इस कार्रवाई के खिलाफ आने वाले दिनों में एक बड़ा जन आंदोलन चलाने की घोषणा की.

बिहार के स्थानीय निकाय कर्मचारियों का विशाल प्रदर्शन

बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (संबद्ध ऐक्टू) के नेतृत्व में नगर निकायों में कार्यरत कर्मचारियों ने हजारों की संख्या में मंत्री, नगर विकास एवं आवास विभाग के समक्ष अपनी 12-सूत्री मांगों के लिए 10 जुलाई 2018 को आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में सफाई कर्मियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही और साथ ही बड़ी संख्या में महिला कर्मी भी शामिल थीं. इस प्रदर्शन में 22 निगमों, परिषदों और पंचायतों से करीब 2500 सफाई कर्मी शामिल हुए जिनमें दरभंगा, बिहार शरीफ, मुजफ्फरपुर, रक्सौल, पटना, समस्तीपुर, दलसिंह सराय, लखीसराय, गया, मोतीहारी, ढाका से अच्छी भागीदारी रही.  

Attack on Swami Agnivesh By BJP Thugs in Jharkhand: Latest Instance of Mob Rule in Modi Raj

On the very day the Supreme Court has come down strongly on the Government of India and State Governments for allowing a veritable mob lynching epidemic in India, a mob of BJP Yuva Morcha thugs attacked the 80-year-old anti-communal and human rights campaigner Swami Agnivesh in Pakur in Jharkhand. This incident underscores how the fascist brigades of the ruling party have lost any respect or fear of the rule of law, of courts or the police, and are launching murderous attacks on minorities, activists and dissenting voices.

का. मिथिलेश यादव

भाकपा-माले के पूर्व बिहार राज्य कमेटी सदस्य, ऐक्टू के पूर्व राज्य कार्यकारिणी सदस्य एवं इंनौस (इंकलाबी नौजवान सभा) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष का. मिथिलेश यादव का गत 15 जून 2018 को असामयिक निधन हो गया. का. मिथिलेश यादव ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत छात्र संगठन आइसा से की थी और नब्बे के दशक में वे बिहार में छात्रों के चर्चित नेता के बतौर स्थापित हुए. छात्र आंदोलन के उपरांत वे लंबे समय तक इनौस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे. 2000 के बिहार विधानसभा चुनाव में वे घोषी विधानसभा से भाकपा-माले के प्रत्याशी थे और 62 हजार से अधिक मत लाकर दूसरे नंबर पर रहे थे.

बीएसपी अस्पताल की कैजुअल्टी के सामने विरोध-प्रदर्शन

भिलाई स्टील प्लांट द्वारा संचालित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा एवं अनुसंधान केंद्र में विगत वर्षों से कार्यरत सफाई ठेका श्रमिकों ने पिछले 3 माह से वेतन का भुगतान न किए जाने के विरोध में 1 जून को कैजुअल्टी के सामने मुंह में लाल पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया.

यह विरोध प्रदर्शन तीन श्रम संघों - सेंटर ऑफ स्टील वर्कर्स (संबद्ध ऐक्टू), हिंदुस्तान इस्पात ठेका श्रमिक यूनियन (संबद्ध सीटू) और लोकतांत्रिक इस्पात एवम इंजी. मजदूर यूनियन - के संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में आयोजित हुआ. प्रदर्शन में ऐक्टू की ओर से श्याम लाल साहू, जय प्रकाश नायर, बृजेन्द्र तिवारी, आदि शामिल थे.

उत्तराखण्ड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के ब्लाक सम्मेलन

ऐक्टू से संबद्ध उत्तराखण्ड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट और ताड़ीखेत-रानीखेत के ब्लॉक सम्मेलन सम्पन्न हुए. इनमें ऐक्टू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजा बहुगुणा मुख्य वक्ता रहे. सम्मेलनों में नई ब्लॉक कार्यकारिणियों व पदाधिकारियों का चुनाव किया गया. आशा संगठन को ब्लॉक स्तर पर मजबूत करने का यह अभियान जारी रहेगा. जुलाई माह के अंत तक आशा यूनियन के सभी ब्लॉक सम्मेलन करते हुए यूनियन को मजबूत करने का लक्ष्य पूरा किया जायेगा. ु

 

दिल्ली आशा कामगार यूनियन का प्रदर्शन

‘मानदेय में दम नहीं, न्यूनतम वेतन से कम नहीं’; ‘पक्की नौकरी, पूरा वेतन, हक और सम्मान’; सभी आशा कर्मियों को न्यूनतम वेतन के अनुरूप वेतन दिया जाए; आशा कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए; दिल्ली की सभी बसों में आशाओं के लिए फ्री बस पास की सुविधा हो - इन नारों और मांगो के साथ दिल्ली आशा कामगार यूनियन (संबद्ध ऐक्टू) द्वारा 5 जून 2018 को मुख्यमंत्री आवास पर धरना प्रदर्शन किया गया. इसमें विभिन्न इलाकों से आशा वर्कर्स ने हिस्सा लिया और अपनी मांगे बुलंद की.

‘20 जुलाई 2018 की दिल्ली श्रमिक हड़ताल को सफल करो’ के आहृान के साथ ट्रेड यूनियनों ने निकाला संयुक्त मार्च

ऐक्टू, एटक, ए.आई.यू.टी.यू.सी., सीटू, एच.एम.एस., इंटक, एम.ई.सी., सेवा, यू.टी.यू.सी. समेत अन्य ट्रेड यूनियन संगठनों ने 27 जून को शहीद पार्क (आई.टी.ओ.) से दिल्ली सचिवालय तक मार्च निकाल कर 20 जुलाई को दिल्ली में श्रमिकों की हड़ताल का ऐलान किया. मार्च को पुलिस द्वारा रोके जाने पर आई.टी.ओ. चौराहा को कई घंटों तक जाम कर दिया गया. सभी मौजूद संगठनों ने सड़क पर ही सभा करते हुए इस हड़ताल को सफल बनाने के लिये मजदूरों का पूरी ताकत लगा देने का आहृान किया. ऐक्टू की ओर से राज्य अध्यक्ष संतोष राय ने सभा को संबोधित किया.

‘डीटीसी वर्कर्स युनिटी सेन्टर’ का डीटीसी मुख्यालय पर प्रदर्शन

‘डीटीसी वर्कर्स युनिटी सेन्टर’ (संबद्ध ऐक्टू) ने 21 जून 2018 को डीटीसी (दिल्ली परिवहन निगम) के मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन की तैयारी के क्रम में डीटीसी के दो दर्जन से भी अधिक डिपो में सभाएं की गईं, पर्चा वितरण किया गया एवं पोस्टर लगाये गये. इस प्रदर्शन और 29 अप्रैल को किए गये कन्वेंशन समेत चलाये गये अभियान में डीटीसी को केंद्र में रखते हुए जन परिवहन को मजबूत बनाने और डीटीसी में कार्यरत तमाम ठेका मजदूरों को पक्का करने की मांगें प्रमुखता से उठाई गईं.

पटना नगर निगम कामगार यूनियन का 18वां सम्मेलन

10 जून 2018 को ‘पटना नगर निगम कामगार यूनियन’ का 18वां सम्मेलन पटना सिटी नगर निगम अंचल कार्यालय कैंपस हॉल में आयोजित हुआ. शहीद का. टेशलाल वर्मा की शहीद वेदी पर फूल चढ़ाने और मजदूर संघर्षों में शहादत दिए शहीदों की याद में दो मिनट का मौन रखने के साथ सम्मेलन की कार्यवाही शुरू हुई. श्यामलाल प्रसाद, देवानन्द राम, रमता सिंह, चिदानन्द यादव और मसूद मियां के अध्यक्षमंडल ने सम्मेलन की अध्यक्षता की. सम्मेलन को विशिष्ट अतिथि ऐक्टू के राज्य महासचिव आर.एन. ठाकुर के साथ ही ऐक्टू के राज्य अध्यक्ष श्यामलाल प्रसाद, मंगल राम, तुफानी राम, सत्येंद्र सिंह आदि ने संबोधित किया.

नियमितीकरण हेतु उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट बिहार के 8 लाख कर्मियों के साथ ठगी और धोखाधड़ी है

बिहार के सभी अनुबन्ध-मानदेय, प्रोत्साहन राशि व आउटसोर्स कर्मियों के नियमितीकरण हेतु श्री अशोक चौधरी की अध्यक्षता वाली गठित उच्चस्तरीय समिति द्वारा सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत 8 लाख में से मात्र 3 लाख कर्मियों को ही बिना समान वेतन सम्बन्धी अनुशंसा के नियमितीकरण की रिपोर्ट तैयार कर लेने व शीघ्र ही सरकार को यह रिपोर्ट सौंपने सम्बन्धी अखबारों में प्रकाशित खबर पर ‘बिहार राज्य अनुबन्ध-मानदेय नियोजित सेवाकर्मी संयुक्त मोर्चा’ ने 3 जून ’18 को जारी विज्ञप्ति में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सरकार पर अपनी ही सैद्धांतिक सहमति से पीछे हटने का आरोप लगाया.

बिहार में बालू मजदूरों व नाविकों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल सफल रही

राज्य की नीतीश सरकार की नई बालू नीति से बेरोजगार हुए बालू मजदूरों व नाविकों ने 15 जून से मनेर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की. इस भूख हड़ताल का नेतृत्व ‘बिहार बालू मजदूर व नाविक कल्याण संघ (संबद्ध ऐक्टू) के महासचिव गोपाल सिंह ने किया.

ठेकेदार व माफिया ताकतों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गयी बालू नीति के खिलाफ तथा मशीन से बालू का खनन व लोडिंग रोकने तथा नावों का परिचालन शुरू करने की मांग पर आयोजित इस भूख हड़ताल में संघ के राज्य परिषद सदस्य चंदे्रश्वर प्रसाद व विशाल कुमार भी रहे. भूख हड़ताल शुरू होने के दिन से ही सैकड़ों मजदूर भी इसका समर्थन करने के लिए वहां पहुंचने लगे.

बंगलौर नगर निगम के ठेका सफाई कर्मियों ने निगम कार्यालय का घेराव किया

बंगलौर नगर निगम के हजारों ठेका सफाई कर्मियों ने ऐक्टू से संबद्ध ‘बीबीएमपी गुट्टिका पोवराकार्मिका संगठन’ के नेतृत्व में 5 जून 2018 को पिछले पांच महीने के वेतन के भुगतान की मांग पर और छंटनी की धमकी के खिलाफ निगम कार्यालय पर घेरा डाल दिया.

‘हमारे श्रमिकों को वापस लाओ’ - अगवा मजदूरों को वापस लाने के लिए विदेश मंत्रालय से मांग

हाल ही में अफगानिस्तान में रोजगार की तलाश में गये 7 भारतीय मजदूरों का 6 मई को अज्ञात बंदूकधारियों ने अपहरण कर लिया, जिनमें 4 मजदूर झारखंड से हैं, और इनमें से भी 3 गिरिडीह जिले के बगोदर के हैं, जबकि चैथा हजारीबाग जिले के टाटीझरिया का निवासी है. अन्य 3 मजदूरों में बिहार के मंटू सिंह और केरल के राजन कौशिक व मुरलीधरन हैं. इन मजदूरों के परिजनों का बुरा हाल है, मगर भाजपा सरकारें और उसके मंत्री-विधायक-सांसद संवेदनहीन बने हुए हैं और इन परिवारों के लिये कुछ भी नहीं कर रहे हैं. सरकारी स्तर पर कोई गंभीर कोशिश नजर नहीं आ रही.

मोदी राज के चार वर्ष

किसानों के साथ गद्दारी, भ्रष्टाचार (कॉरपोरेट भी और राजनीतिक भी), ‘स्किल इंडिया’, ‘स्टार्ट-अप इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’ या ‘न्यू इंडिया’ नहीं - ‘बेरोजगार भारत’, शिक्षा क्षेत्र पर हमला, महिलाओं की स्वायत्तता, सुरक्षा और अधिकारों पर बदतरीन हमला, बलात्कारियों और हिंसा-अपराधियों की खुली हिमायत, महिलाओं की आजादी पर हमला, पेट्रोल और डीजल की अब तक की अधिकतम कीमतें, नफरत भरे भाषण और प्रेस की आजादी पर हमला, दलितों और महिलाओं के खिलाफ रोजाना हिंसा

थूथुकुडी पुलिस फायरिंग एआइपीएफ जांच दल की रिपोर्ट

(हमने ‘श्रमिक सॉलिडैरिटी के पिछले अंक में थूथुकुडी जनसंहार के बारे में छोटी सी रिपोर्ट छापी थी. जनसंहार के बाद थूथुकुडी जाने वाली पहली फैक्ट-फाइंडिंग (जांच) टीम एआइपीएफ (ऑल इंडिया पीपुल्स फोरम) की थी. प्रस्तुत है इस अंक में उस फैक्ट-फाइंडिंग टीम की संक्षिप्त में रिपोर्ट. अभी जब यह अंक प्रेस में जाने को तैयार है, थूथुकुडी से बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार करने की खबरें आ रही हैं, जिनमें मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै बेंच के वकील एस वांचीनाथन, जो पीपुल्स राइट्स प्रोटेक्शन सेंटर के स्टेट कोओर्डिनेटर भी हैं, और जिन्होंने स्टरलाइट-विरोधी प्रदर्शन समूहों और जनता के कई केस लड़े हैं.

साम्प्रदायिक भीड़-हत्याएं मोदी राज की पहचान

‘गौ-हत्या’ की अफवाह पर उत्तर प्रदेश और झारखंड में साम्प्रदायिक हत्या-गिरोहों द्वारा हाल ही में की गई मुस्लिम पुरुषों की हत्याएं, आजकल जो इस किस्म की हत्याओं की बाढ़ सी आ गई है, उसकी ताजातरीन घटनाएं हैं. साम्प्रदायिक भीड़ हत्याओं की यह बाढ़ मोदी शासन की सबसे बढ़कर स्पष्ट दिखने वाली पहचान बन गई है.

डा. अशोक मित्रा

डा. अशोक मित्र का 1 मई 2018 को कोलकाता के एक नर्सिंग होम में निधन हो गया. 10 अप्रैल को वे 90 वर्ष के हो चुके थे और जीवन के अंतिम समय तक लेखक और संपादक के बतौर वे सक्रिय रहे थे. शैक्षिक रूप से वे एक अर्थशास्त्री थे और अपनी जिंदगी के उथल-पुथल भरे पूरे सफर में वे प्रतिबद्ध मार्क्सवादी बने रहे. उन्होंने केंद्र सरकार में मुख्य आर्थिक सलाहकार के बतौर अपना योगदान दिया और वे पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा सरकार के शुरुआती दौर में वित्त मंत्री भी रहे. लेकिन एक महान और उर्वर लेखक के रूप में भी उन्हें स्नेहपूर्वक याद रखा जाएगा.

का. भास्कर नंदी

नक्सलबाड़ी आंदोलन की अगली पांत के नेता का. भास्कर नंदी का 4 मई की सुबह जलपाईगुड़ी स्थित अपने आवास में निधन हो गया. वे लंबे समय से गले के कैंसर से जूझ रहे थे. 1960 के दशक में का. नंदी अपनी उच्चतर शिक्षा के लिए विदेश गए थे और भारत लौटने तथा नक्सलबाड़ी आंदोलन में शरीक होने के पूर्व उन्होंने कुछ समय के लिए कोलंबिया विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र का अध्यापन भी किया था उन्होंने आपातकाल के दौरान अपनी गिरफ्तारी के पहले असम और त्रिपुरा में भाकपा-माले के निर्माण और विस्तार में नेतृत्वकारी भूमिका अदा की थी. जेल से निकलने के बाद वे पीसीसी, सीपीआइ-एमएल के पोलितब्यूरो सदस्य की हैसियत से काम करते रहे.

का. सत्यवादी बेहरा को लाल सलाम!

ओडिशा में भाकपा-माले के वरिष्ठ नेता का. सत्यवादी बेहरा का 11 मई 2018 को निधन हो गया. वे भाकपा-माले के पुरी जिला सचिव, ओडिशा राज्य कमेटी के सदस्य और ‘खेग्रामस’ के राष्ट्रीय पार्षद थे. ओडिशा के एक दलित परिवार में जन्मे कामरेड बेहरा भाकपा-माले आंदोलन में शरीक हुए और ग्रामीण गरीबों के जुझारू कृषि-संघर्षों के नेता के बतौर अपनी पहचान बनाई. ु

इफ्को कारखाने के समक्ष प्रदर्शन

इफ्को कारखाने, फूलपुर (उ. प्रदेश) में अमोनिया रिसाव के चलते कई श्रमिकों के घायल होने की घटना के खिलाफ 16 मई को ऐक्टू से संबद्ध ‘इफ्को फूलपुर ठेका मजदूर संघ’ ने कारखाने के गेट न0 एक पर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ऐक्टू जिला सचिव कमल उसरी ने इस दुर्घटना के लिये प्रबंधन को दोषी ठहराते हुये कहा कि श्रमिकों को बगैर सुरक्षा उपकरणों के काम पर लगाने की वजह से वे घायल हुये. प्रदर्शन ने सभी घायल श्रमिकों को बेहतर ईलाज की व्यवस्था करने और दोषियों को सजा देने की मांग उठाई.  

दिल्ली आशा कामगार यूनियन ने विधयकों को ज्ञापन सौंपे

ऐक्टू से संबद्ध ‘‘दिल्ली आशा कामगार यूनियन’’ आशा कर्मियों के अधिकारों को लेकर निरंतर संघर्षरत है. अपने संघर्ष के मौजूदा चरण में यूनियन दिल्ली विधान सभा के सभी विधायकों से मिलकर उन्हें आशा कर्मियों की मांगों को लेकर ज्ञापन दे रही है. ज्ञापन में मांग की गई है कि वे विधानसभा में इस प्रस्ताव को लेकर आयें कि आशा कर्मियों को न्यूनतम वेतन के बराबर वेतन दिया जाए, उनको सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और, चूंकि आशा कर्मियों के अधिकतर कार्य फील्ड संबंधी है, अतः उन्हें डीटीसी की बसों में बस पास की सुविधा दी जाए.

कामरेड दरशराम साहू का 28वां शहादत दिवस मनाया गया

कामरेड दरशराम साहू का 28वां शहादत दिवस 6 मई 2018 को लाल खदान, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) में मनाया गया. कार्यक्रम की शुरूआत शहीद कामरेड की पत्नी सुशीला साहू द्वारा उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई. तत्पश्चात दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी गई. इस अवसर पर कार्ल मार्क्स की 200वीं जयंती पर उन्हें याद किया गया. श्रद्धांजलि सभा को भाकपा-माले व ऐक्टू के नेताओं राज्य सचिव बृजेंद्र तिवारी, कोरबा से बी.एल. नेताम और रामजी शर्मा, ललन राम समेत सीपीआई के जिला सचिव पवन शर्मा व अन्य ने संबोधित किया.

भिलाई स्टील प्लांट में दुर्घटनाओं में ठेका मजदूरों की मौतों के खिलाफ प्रदर्शन

सेंटर ऑफ स्टील वर्कर्स (सीएसडब्लू), संबद्ध ऐक्टू ने 14 मई की शाम को इक्विपमेंट चैक में भिलाई स्टील प्लांट के आईआर के समक्ष प्लांट व टाउनशिप में कार्यरत ठेका श्रमिकों के साथ हो रही घोर नाइंसाफी और प्लांट में घट रही दुर्घटनाओं में हो रही इनकी मौतों के खिलाफ प्रदर्शन किया. ज्ञात हो कि 7 से 9 मई, लगातार 3 दिन प्लांट में हुई दुर्घटनाओं में 3 ठेका मजदूरों की मौत हुई. प्रबंधन की आपराधिक लापरवाही के चलते प्लांट में दुर्घटनाएं आम हो चुकी हैं. प्रदर्शन के पश्चात आईआर के सहायक महाप्रबंधक को बीएसपी के सीईओ को संबोधित 8-सूत्री ज्ञापन सौंपकर व उनसे चर्चा कर समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग की गई.

मजदूर-विरोधी, जन-विरोधी फासीवादी मोदी सरकार को हटाने के संकल्प के साथ मई दिवस के अवसर पर देशभर में कार्यक्रम आयोजित किये गये

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर देश भर में ऐक्टू और भाकपा-माले ने रैलियों, जुलूस और सभाओं के रूप में विविध आयोजन किए और मजदूर-विरोधी, जन-विरोधी व राष्ट्र-विरोधी फासीवादी संघ-भाजपा निजाम को शिकस्त देने का संकल्प लिया. पिछले अंक में समय की कमी के चलते हम इनकी रिपोर्ट नहीं दे सके. इस अंक में प्रस्तुत है मई दिवस कार्यक्रमों की सक्षिप्त में रिपोर्ट.

कार्ल मार्क्स की जन्म द्विशतवार्षिकी पर कार्यक्रम

विश्व सर्वहारा के महान शिक्षक मार्क्स की द्विशतवार्षिकी पर 5 मई 2018 को समूचे देश में भाकपा-माले और ऐक्टू ने कार्यक्रम आयोजित किये. इस मौके पर भाकपा-माले द्वारा जारी लेख को हर जगह पढ़ा गया और कार्ल मार्क्स को श्रद्धांजलि अर्पित की गई.   

पहली जंगे-आजादी और मार्क्स

यह वर्ष कार्ल मार्क्स के जन्म का द्विशताब्दी वर्ष है. भारत में जैसे ही मार्क्स और मार्क्सवाद की चर्चा होती है तो विरोधी तुरंत मार्क्स को एक ऐसा विचारक बता कर खारिज करने की कोशिश करते हैं, जो भारत के बारे में कुछ नहीं जानता था. लेकिन क्या सच में मार्क्स भारत के बारे में कुछ नहीं जानते थे ?

जी नहीं, भारत में 1857 की पहली जंगे आजादी का विस्फोट होने के कुछ वर्ष पहले से ही मार्क्स भारतीय समाज को देख रहे थे और उसके बारे में लिख भी रहे थे.

लाल किला पर डालमिया - नहीं मानेगा इंडिया

मोदी सरकार ने डालमिया इंडिया ग्रुप के साथ एक समझौता पत्र (एमओयू) पर दस्तखत किया है जिसके जरिए यह ग्रुप 25 करोड़ रुपये का भुगतान करके प्रतिष्ठित लाल किले को पॉच वर्षों के लिए ‘गोद’ लेगा. मोदी सरकार इस समझौते को वाणिज्यिक रूप से लाभकारी कदम कहकर उचित ठहरा रही है. सरकार के मुताबिक इस कदम से उसे कुछ राजस्व प्राप्त हो जाएगा, जबकि सरकार की ‘धरोहर को गोद लेने’ या ‘स्मारक मित्र’ योजना के तहत संबंधित कंपनी अपनी ‘कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी’ के अंग के बतौर उस स्मारक के रखरखाव का काम करेगी.

थूथुकुडी जनसंहार: पलानीस्वामी और मोदी के हाथ खून से रंगे हैं!

देशव्यापी आक्रोश और जनांदोलन ने पलानीस्वामी सरकार को स्टरलाइट कंपनी पर प्रतिबंध् लगाने को मजबूर किया, लेकिन न्याय के लिये संघर्ष जारी रखना होगा

मोदी सरकार का पांचवा साल इस विनाशलीला का अंतिम वर्ष साबित हो

मोदी सरकार ने अपने शासनकाल के चार वर्ष पूरे कर लिये हैं. क्या अतीत में कोई ऐसा समानान्तर वाकया रहा है, जो हमें मोदी शासन के इन चार वर्षों का आकलन करने में मददगार हो? खुद नरेन्द्र मोदी के लिये तो स्थायी संदर्भ बिंदु नेहरु ही रहे हैं. अपने आपको नेहरु के समकक्ष रखना उन्हें प्रिय है और उन्हें यकीन है कि अगर नेहरू के स्थान पर सरदार पटेल प्रधानमंत्री बने होते तो किस तरह का शासन होता, इसी का स्वाद वे हमें चखा रहे हैं.

अंतर्राष्ट्रीय निर्माण मजदूर संगठन, ‘यूआईटीबीबी’ की 11वीं एशिया-पेसिफिक बैठक

डब्लूएफटीयू से संबद्ध यूआईटीबीबी (ट्रेड यूनियन इंटरनेशनल ऑफ वर्कर्स इन द बिल्डिंग, वुड, बिल्डिंग मैटिरियल्स एंड एलाइड इंडस्ट्रीज्) की 11वीं एशिया-पेसिफिक (प्रशांत) क्षेत्रीय कार्यकारी बैठक का आयोजन काठमांडू में 6-7 अप्रैल 2018 को हुआ. बैठक का आयोजन व मेजबानी नेपाल इंजीनियरिंग प्रोफेशनल्स् एसोसिएशन (नेपा) ने की.

डीटीसी बचाओ जन कन्वेंशन का आयोजन

29 अप्रैल को निजामुद्दीन स्थित गालिब अकादमी में ऐक्टू से सम्बद्ध डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेन्टर द्वारा ‘‘डीटीसी बचाओ जन कन्वेंशन’’ आयोजित किया गया. इस कन्वेंशन में डीटीसी के कॉन्ट्रैक्ट व परमानेंट कर्मचारियों के अलावा अन्य यूनियनों के साथियों, छात्रों, कलाकारों ने हिस्सा लिया. सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि डीटीसी के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को पक्का करना, समान काम का समान वेतन देना और डीटीसी में बसों की बढ़ोत्तरी करने के अलावे दिल्ली में जन परिवहन को बचाने का कोई उपाय नहीं है.

हरियाणा में ईंट भट्ठा मजदूरों के बीच ऐक्टू की पहल

हरियाणा के यमुना नगर जिले में करीब 100 ईंट भट्ठे हैं जिनमें कार्यरत हजारों मजदूरों का भारी शोषण हो रहा है. भट्ठा मालिक मजदूरी की रेट में मनमाने ढंग से भारी कटौती कर रहे हैं. यहां तक कि ये मालिक अपनी मनमर्जी की यूनियन मजदूरों पर थोप रहे हैं और उसको बीच मे लाकर कानूनी रूप से मजदूरी कटौती को जायज ठहरा रहे हैं. ऐसे में यहां के कुछ मजदूर नेताओं ने ऐक्टू से संपर्क किया और 17 अप्रैल को यमुना नगर के इलाके परवालो में मजदूरों ने सभा कर अपने को ऐक्टू से संबद्ध यूनियन ‘‘हरियाणा प्रदेश लाल झंडा भट्ठा मजदूर यूनियन’’ के साथ जोड़ा.

बिहार में स्कीम कर्मियों का ऐक्टू के नेतृत्व में निरंतर संघर्ष

विद्यालय रसोईया

10 अप्रैल को चम्पारन सत्याग्रह शताब्दी समापन समारोह में शामिल होने आ रहे प्रधानमंत्री को अपनी मांगों से सम्बंधित ज्ञापन सौंपने के लिए ऐक्टू से संबद्ध ‘‘बिहार राज्य विद्यालय रसोईया संघ’’ के आहृान पर हजारों की तादाद में, पुलिस प्रशासनिक आतंक को धता बताते हुए, विद्यालय रसोईया (मिड-डे मील योजना के तहत नियोजित कर्मी) मोतीहारी की सड़कों पर उतर आये. विदित हो कि रसोईया संघ ने अपने आंदोलनों के माध्यम से चम्पारन सत्याग्रह शताब्दी वर्ष का समापन किया.

सीएमडब्लूयू ने कमर्शियल माइनिंग के सरकारी निर्णय के खिलाफ 16 अप्रैल को प्रतिवाद दिवस मनाया

1971 में कोकिंग कोल और 1972 में नॉन कोकिगं कोल का राष्ट्रीयकरण हुआ था. उस समय कोयला उत्खनन और विक्रय पर कोल इंडिया का एकाघिकार था और उस समय कुछ कैप्टिव माइन्स भी थीं. कुछ खदानें जरूरत के हिसाब से कुछ कम्पनियों के पास थीं पर उन्हें कोयला बेचने का अधिकार नहीं था. उत्पादित कोल को वे अपने स्टील प्लांट व पावर प्लांट में उपयोग करत थे. यूपीए सरकार के समय से आउटसोर्सिंग की नीति लायी गयी जो सिर्फ उत्पादन में थी, लेकिन बेचने का काम कोल इंडिया करती थी. आउटसोर्सिंग कम्पनियां शुरुआती दौर में कोयला उत्पादन नहीं करती थीं, वो सिर्फ मिट्टी-पत्थर निकलती थी.

दिल्ली में फैक्टरियों में लगने वाली आग में मजदूरों की मौत के खिलाफ प्रदर्शन

हाल के समय में दिल्ली में फैक्टरियों में लगने वाली आग में मजदूरों की मौत के खिलाफ ऐक्टू ने 12 अप्रैल 2018 को विरोध प्रदर्शन आयोजित किया. सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर से शुरु होकर, सिविल लाइन्स होते हुए यह प्रतिरोध मार्च दिल्ली के श्रम मंत्री के निवास तक गया. प्रदर्शनकारियों को बीच रास्ते में दिल्ली पुलिस ने रोक लिया, इसके बाद चार लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल मंत्री के निवास पर गया, और इस बीच पुलिस बैरिकेड पर ही विरोध प्रदर्शन चलता रहा. दिल्ली के विभिन्न इलाकों के मजदूरों ने इस प्रदर्शन में भागीदारी की.

ठेका सफाई मजदूरों का बंगलूरू में विरोध् प्रदर्शन

बंगलूरू के आर.आर. नगर ज़ोन में 16 अप्रैल को पैराकार्मिकों (ठेका सफाई मजदूर) ने अपने वेतन को लेकर एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया. इन पैराकर्मिकों को तीन महीने से ज्यादा से वेतन नहीं मिला है.

बृहत बंगलूरू महानगर पालिके (बी.बी.एम.पी) ने जनवरी 2018 में, ठेकेदारी व्यवस्था को खत्म करके पैराकर्मिकों को नियमित किया था. वर्तमान व्यवस्था में, कामगारों को सीधा सरकार भुगतान करती है लेकिन लंबे समय से ये भुगतान नहीं किया गया है, और उनके पास सड़कों पर उतरने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था.

एससी/एसटी (अत्याचार निरोधक) अधिनियम पर न्यायिक हमला और दलित प्रतिवादकारियों पर राजनीतिक हिंसा

दीर्घ काल से लम्बित पड़े संशोधनों को ग्रहण करने के बाद अंततः 2015 में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम को शक्तिशाली बनाया गया था. ये संशोधन इस खामी को दुरुस्त करने के लिये थे कि एससी/एसटी ऐक्ट के तहत सजा दिये जाने की दर काफी नीची रह जा रही थी.

फासीवाद हराओ! जनता का भारत बनाओ!

भाकपा-माले का दसवां महाधिवेशन  

भाकपा (माले)-लिबरेशन के 10वें महाधिवेशन की शुरूआत के मौके पर 23 मार्च 2018 को शहीद-ए- आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस के अवसर पर पंजाब के बाबा बुझा सिंह नगर (मानसा) के बाबा जीवन सिंह पार्क में शहीद भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव की प्रतिमाओं का अनावरण किया गया और देश-विदेश से आये वामपंथी व प्रगतिशील पार्टियों के अतिथियों समेत भाकपा-माले के हजारों कार्यकर्ताओं ने एक बड़ी जनसभा की. पार्टी महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, शहीद भगत सिंह के भांजे प्रो. जगमोहन सिंह, नाट्यकार सैमुअल जॉन, प्रो. बावा सिंह, प्रो.

मार्क्स की द्विशतवार्षिकी मानव मुक्ति का लांग मार्च जारी है

‘‘दार्शनिकों ने अब तक केवल विश्व की विभिन्न तरीकों से व्याख्या की है; मगर मसला यह है कि इसे कैसे बदलना है’’: कार्ल मार्क्स (5 मई 1818 - 14 मार्च 1883) अपने जीवन के काफी शुरुआती दिनों में, जब वे केवल 27 साल के थे, इस निष्कर्ष पर पहुंच चुके थे. अपने जीवन की आखिरी सांस तक वे अनवरत इसी लक्ष्य की प्राप्ति के काम में लगे रहे, और इसके दौरान उन्होंने उस दुनिया को

कामरेड शिवपूजन सिंह

कामरेड शिवपूजन सिंह 1992-93 से भाकपा-माले पार्टी के सदस्य थे और कर्मचारी मोर्चा के साथ-साथ पार्टी मोर्चा पर भी उतना ही सक्रिय रहते थे. वे पटना में रहते हुए पार्टी के कर्मचारी सेक्टर कमिटी के सदस्य रहे और सेवा निवृत्ति उपरान्त भभुआ के बगल में अपने गांव पर रहने की स्थिति में वही पर काम कर रहे थे. अभी-अभी कैमूर जिला में महासंघ (गोप गुट) और अनुबंध मानदेय नियोजित सेवाकर्मी संयुक्त मोर्चा को सुगठित करने की योजना पर उन्हीं को केंद्र में रखकर काम शुरू किया गया था.

इफ्को, फूलपुर ठेका मजदूर संघ का 18वां वार्षिक सम्मेलन

25 फरवरी को इफ्को फूलपुर ठेका मजदूर संघ (इलाहाबाद) का 18वां वार्षिक सम्मेलन संपन्न हुआ.  सम्मेलन के मुख्य अतिथि नार्थ सेन्ट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन (एनसीआरड़ब्लूयू) के महामंत्री मनोज कुमार पांडेय थे. उन्होंने कहा कि चाहे इफ्फो फूलपुर ठेका मजदूर हों या रेल ठेका मजदूर हों सबका शोषण सरकार द्वारा एक ही तरह का है, इसलिए मेहनतकश वर्ग को चट्टानी एकता बनाकर संघर्ष जारी रखना होगा. सम्मेलन को ऐक्टू के कार्यवाहक अध्यक्ष एस.सी. बहादुर ने संबोधित करते हुए इफ्को फूलपुर के प्रबंधन के खिलाफ आने वाले समय मे आन्दोलन तेज करने का आहृान किया.

ओडिशा में अस्थायी मजदूरों के अधिकारों के लिए प्रतिवाद

ऐक्टू और ओडिशा ग्राम्य बैंक अस्थायी मजदूर संघ ने 16 फरवरी को ओडिशा ग्रामीण बैंक मुख्यालय के सामने प्रदर्शन किया और मांग की कि छंटनी किए गए मजदूरों को काम पर वापस लिया जाए और गैर-कानूनी ढंग से छंटनी करने पर रोक लगाई जाए. इन प्रतिवादकारियों ने तमाम अस्थायी मजदूरों के लिए ईपीएफ, ईएसआइ और बोनस की गरांटी करने की भी मांग उठाई. इस प्रतिवाद रैली में 100 से ज्यादा अस्थायी मजदूरों ने हिस्सा लिया. रैली को ऐक्टू के ओडिशा राज्य महासचिव राधाकांत सेठी और ऐक्टू नेता बंशीधर परिदा ने संबोधित किया.

मोदी शासन: 1 प्रतिशत के लिए ‘अच्छे दिन’, 99 प्रतिशत के लिए ‘बदतरीन दिन’

मोदी अच्छे दिन का वादा करते हुए सत्ता में आए थे. लेकिन उनके चार वर्षोंं के शासन में भारत के सबसे धनी 1 प्रतिशत के लिए ही ‘अच्छे दिन’ आये हैं जिनकी देश की कुल संपदा में हिस्सेदारी 2014 में 49 प्रतिशत से बढ़कर 2017 में 73 प्रतिशत हो गई (ग्लोबल इनइक्वलिटी सर्वे, ऑक्सफैम). मोदी राज में सबसे धनी लोगों और देश के गरीबों के बीच की खाई काफी बढ़ गई है.

बजट के खिलाफ पूरे बिहार में त्रिदिवसीय विरोध दिवस जगह-जगह मोदी व जेटली के पुतले फूंके गये

मोदी सरकार के 2018-19 के बजट में ट्रेड यूनियनों द्वारा पेश की गई 12-सूत्री मांगों में से किसी को भी नहीं माना गया है. अतः बिहार की केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ऐक्टू, एटक एआईयूटीयूसी, सीटू, इंटक, टीयूसीसी, यूटीयूसी, एएमयू आदि ने आम बजट को मजदूर व गरीब विरोधी एवं कॉरपोरेटों के हितों वाला बताते हुए दिन 1 फरवरी को शाम को पटना जंकशन के निकट स्थित बुद्ध स्मृति पार्क से जुलूस निकाला जो डाकबंगला चैक तक गया, जहां मोदी और वित्तमंत्री जेटली का पुतला फूंका गया.

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा 15 मार्च को अखिल भारतीय प्रतिरोध दिवस के आयोजन का फैसला

22 फरवरी को आयोजित केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की बैठक ने वर्तमान सरकार द्वारा जनता की आजीविका और अधिकारों पर हमलों को तेज़ करने और राष्ट्रीय हितों पर कुठाराघात करने की तीखी भर्त्सना की.

मैला ढोने की प्रथा खत्म करने की मांग पर बंगलौर में विशाल रैली

कर्नाटक में हाथ से मैला उठाने (मैनुअल स्कैवेंजिंग) को खत्म करने के प्रति सरकार की उदासीनता के विरोध में ऐक्टू की अगुवाई में 7 फरवरी 2018 को बेंगलुरु में जोरदार प्रदर्शन हुआ. प्रदर्शन में शामिल सफाई कामगारों का कहना था कि पिछले 10 वर्षों में मैला ढोने की प्रथा जारी रहने से 70 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें से 15 से अधिक मौतें पिछले दो सालों में ग्रेटर बंगलौर में हुई हैं. इस अमानवीय प्रथा को न सिर्फ प्रतिबंधित किया गया है, बल्कि इसे गैर-कानूनी भी करार दिया गया है - इस बाबत सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के कई फैसले आ चुके हैं; फिर भी यह प्रथा जारी है.

मंगलौर के बंदरगाह मजदूरों की शानदार जीत

मंगलौर पोर्ट ट्रस्ट के मजदूरों द्वारा नौ दिन तक चली ऐतिहासिक हड़ताल के बाद आखिर श्रमायुक्त के हस्तक्षेप से न्यू मंगलौर पोर्ट ट्रस्ट (एनएमपीटी) ने स्वीकार किया है कि वह शिपिंग कम्पनियों को वेतन, कल्याण एवं अन्य वैधनिक आवश्यकताओं के मामले में श्रम कानूनों का पालन करने का निर्देश देगा. समझौते में स्टीवडोर्स की 19 कम्पनियों, सी एंड एफ एजेंटों और शिपिंग कम्पनियों ने मजदूरों की मांगों को स्वीकार कर लिया है. इस समझौते के बाद मजदूरों ने 6 फरवरी 2018 को सामयिक रूप से 9 दिन लंबी चली हड़ताल समाप्त कर दी है, क्योंकि समझौते का अनुपालन अगले 60 दिनों के अंदर करने का वादा किया गया है.

बजट 2018: जनाक्रोश की आग में ‘मोदीकेयर’ का घी

आगामी लोकसभा चुनाव के पहले मोदी सरकार का अंतिम पूर्ण बजट 1 फरवरी 2018 को संसद के समक्ष पेश कर दिया गया. अरुण जेटली द्वारा पेश किये गये पिछले तमाम बजटों की ही तरह यह बजट भी लफ्फाजियों से भरपूर था, मगर न तो इसमें कोई सार्थक आवंटन किया गया था, और न ही उसमें आज भारतीय अर्थतंत्र के सामने खड़े ज्वलंत सवालों - चाहे वह स्थायी कृषि संकट हो, बेरोजगारी हो या घरेलू मांग और उत्पादक निवेश में गिरावट हो - के समाधान की कोई नीतिगत दिशा मौजूद थी.

चौकीदार भांजता रहा, एक और चोर भाग निकला

लगता है कि हम एक नये किस्म का ‘भारत छोड़ो’ देख रहे हैं. ललित मोदी, विजय माल्या और नीरव मोदी भारतीय बैंकों को भारी रकम का चूना लगाकर चुपचाप देश छोड़कर कट ले रहे हैं. ताजातरीन घटना में पंजाब नेशनल बैंक, जो देश में भारतीय स्टेट बैंक के बाद सबसे बड़ा बैंक है, के साथ जालसाजी करके नीरव मोदी और उनके चाचा मेहुल चोकसी ने 11,394 करोड़ रुपये की भारी रकम का चूना लगा दिया है.

का. सैय्यद जैनुल अबेदीन

11 जनवरी को का. सैय्यद जैनुल अबेदीन की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन भाकपा-माले कार्यालय लाल खदान (बिलासपुर) में किया गया. सभा को पार्टी के राज्य सचिव बृजेन्द्र तिवारी, रायपुर जिला सचिव नरोत्तम शर्मा, बिलासपुर भाकपा सचिव पवन शर्मा आदि ने संबोधित किया. उपस्थित सभी लोगों ने उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण किया और एक मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी. उनकी मृत्यु 14 दिसंबर 2017 को 74 वर्ष की उम्र में बिलासपुर में हुई थी. दिवंगत साथी को समर्पित एक कविता वासुकी प्रसाद ने सुनाई. वक्ताओं ने उनके अधुरे कामों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.

का. सुखन तांती

भाकपा-माले व ऐक्टू के भागलपुर जिले, बिहार के लोकप्रिय मजदूर नेता का. सुखन तांती का 13 जनवरी 2018 को निधन हो गया. ऐक्टू के पूर्व जिला कमिटी सदस्य व निर्माण मजदूर नेता  का. सुखन तांती ऐक्टू के उन शुरुआती नेताओं में से थे जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से भागलपुर में ऐक्टू को स्थापित किया. पेशे से राजमिस्त्री 68 वर्षीय का. सुखन तांती निरक्षर थे, लेकिन ऐक्टू के संपर्क में आते ही उन्होंने जल्द ही संगठन और मजदूर आंदोलन की अनिवार्यता को समझ लिया. 2006-07 में उन्होंने भाकपा-माले की सदस्यता हासिल की.

झारखंड निर्माण मजदूर यूनियन ने निःशुल्क नेत्र जांच शिविर लगाया

मंथन संस्थान के सहयोग से ऐक्टू से संबद्ध झारखंड निर्माण मजदूर यूनियन ने स्लम बस्ती हरमु के आजाद हिन्द नगर (टेटंगा टोली आखडा के सामने) अख्तर आवास मे निःशुल्क नेत्र जांच शिविर लगाया. नेत्र जांच शिविर में नेत्र चिकित्सक डॉक्टर एम हसन ने अपना योगदान दिया. 100 से अधिक मरीजों ने जांच करायी. शिविर में निर्माण एवं असंगठित क्षेत्र के मजदूरों ने अपनी आँखों की जांच करायी. इस अवसर पर ऐक्टू के प्रदेश सचिव भुवनेश्वर केवट, निर्माण मजदूर यूनियन के सुदामा खलखो, मंथन संस्थान के अमर कुमार, घरेलू कामगार नेता नजीया खातून  एवं लक्ष्मी देवी मुख्य रूप से उपस्थित थे.

 

ट्रेड यूनियनों ने पुदुच्चेरी में मजदूर विरोधी कानून का प्रतिरोध किया

पुदुच्चेरी की केंद्र शासित सरकार ने ”लोडिंग एवं अनलोडिंग (रेग्युलेशन आॅफ इम्पलाॅयमेंट एंड वेलफेयर) ऐक्ट 2017” नाम का एक क्रूर कानून बनाया है, जो लोडिंग-अनलोडिंग मजदूरों को अपराधी बना देता है. ऐक्टू, एटक, इंटक, सीटू, बीएमएस, और एसटीयू ने 22 जनवरी को विधानसभा के सामने संयुक्त रूप से एक विशाल प्रतिरोध प्रदर्शन, मार्च और जनसभा का आयोजन किया. ट्रेड यूनियन संगठनों ने मुख्य मंत्री और श्रम मंत्री को इस कानून को वापस लेने की मांग का ज्ञापन सौंपा.

 

सितारगंज, उत्तराखंड की ऐक्टू इकाई का प्रथम सम्मेलन संपन्न

सितारगंज (उत्तराखंड) की ऐक्टू इकाई का प्रथम सम्मेलन 21जनवरी 2018 को सफलतापूर्वक अम्बेडकर प्रतिष्ठान में सम्पन्न  हुआ.

झारखंड राज्य सेवाकर्मी संयुक्त संघर्ष के बैनर तले विशाल प्रदर्शन

16 जनवरी 2018 को झारखंड राज्य सेवा कर्मी संयुक्त संघर्ष मोर्चा द्वारा 6 सूत्री मांगों की पूर्ति हेतु विशाल प्रदर्शन के माध्यम से प्रोजेक्ट भवन (रांची) का घेराव किया गया, जिसका नेतृत्व सुशीला तिग्गा, गोपाल शरण सिंह, राजनाथ सिंह, पिकेश कुमार सिंह, नवीन चैधुरी, आतिश झा, शैलेन्द्र आदि नेताओं द्वारा किया गया. प्रदर्शन में सैकड़ो कर्मचारी शामिल थे.

छत्तीसगढ़ हमाल मजदूर संघ का प्रदर्शन

18 जनवरी को छत्तीसगढ़ हमाल मजदूर संघ (ऐक्टू) जिला कबीरधाम के कवर्धा में रैली निकाली गई और सभा कर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा गया.

खोखा-पटरी के दुकानदारों को उजाड़ना बंद करो दिल्ली के सभी स्ट्रीट वेण्डरों को लाइसेंस दो

दिल्ली में आज-कल खोखा-पटरी वालों और छोटे दुकानदारों को उजाड़ने का काम तेजी से चल रहा है. रोजगार कर अपनी आजीविका चलाना हमारा संवैधानिक अधिकार है. हम अपने अधिकारों और रोजी-रोटी पर हमला नहीं सहेंगे. हमारी मांग है कि सरकार खोखा-रेहड़ी-पटरी के छोटे कारोबारियों और छोटे दुकानदारों को उजाड़ना तत्काल बंद करे.

ऐक्टू के बैनर तले चेन्नई में मजदूर अधिकार रैली - पलानिसामी सरकार के इस्तीफे की मांग की

31 जनवरी 2018 को चेन्नई में ऐक्टू द्वारा आयोजित रैली में हजारों मजदूरों ने लाल झंडों, बैनरों और प्लेकार्डस् के साथ शिरकत की. रैली में ‘फ्री प्रिकॉल 2’ अभियान के प्रति एकजुटता प्रदर्शित की गई. रैली में सरकार से बसों के किराए में भारी वृद्धि को वापस लेने की मांग की गई, बस किरायों में यह वृद्धि सरकार के नव-उदारवादी कम-खर्ची उपायों का ही हिस्सा हैं, और इसके साथ-साथ यह कोर्ट के आदेश के बावजूद राज्य परिवहन मजदूरों के सफल संघर्ष की सज़ा है जिसमें राज्य की जनता ने भी हड़ताल का समर्थन किया था. रैली में मांग की गई कि सरकार जन वितरण प्रणाली को कमजोर करने के प्रयासों पर रोक लगाए.

ऐक्टू के बैनर तले कोलकाता में श्रमिक अधिकार रैली

ऐक्टू के बैनर तले 9 जनवरी 2018 को प. बंगाल की राजधानी कोलकाता में आयोजित ‘श्रमिक अधिकार रैली’ में हजारों की संख्या में मजदूरों ने भागीदारी की. वे बंद पड़ी जूट मिल और कपड़ा मिल के मजदूर थे. वे खाली बर्तन लिए अपने-अपने परिवार के सदस्यों के साथ रैली में शामिल हुए ताकि वे अपनी गरीबी और भूख को दिखा सकें. शीतलहर को धता बताते हुए दार्जीलिंग के चाय मजदूर भी आए थे और वे न्यूनतम मजदूरी की अपनी मांग बुलंद कर रहे थे जिसे देने की घोषणा करके भी ममता सरकार आनाकानी कर रही है. नोटबंदी के बाद सबसे प्रभावित होने वाले निर्माण मजदूर और जूट श्रमिक न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर बड़ी तादाद में रैली में शामिल थे.

बवाना हादसा - ऐक्टू जांच टीम की रिपोर्ट 17 नहीं 40 मजदूरों की मरने की है आशंका

जनवरी 22, 2018 को ऐक्टू की टीम ने बवाना औद्योगिक क्षेत्र के एफ-83 स्थित फैक्ट्री का दौरा किया और कई मजदूरों के परिवारवालों से मुलाकात की. टीम में शामिल साथी थे: अभिषेक, श्वेता, वीकेएस गौतम, सतबीर श्रमिक, अजय कुमार और प्रेमपाल चैटेला. फैक्ट्री के पास काम करनेवाले मजदूरों से बात करने पर कई सारी बातें सामने आयीं:

सरकारी साजिश बेनकाब - का. रामबली प्रसाद रिहा

बिहार में ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में ठेके पर नियोजित एएनएम-आर (नर्स) द्वारा जुझारूपन के साथ 2 नवंबर से 22 दिसंबर ‘17 तक चलाये गयी ऐतिहासिक अनिश्चितकालीन हड़ताल का नेतृत्व करने के क्रम में बिहार के कर्मचारी-ठेका मानदेय कर्मचारी आंदोलन के चर्चित नेता व ऐक्टू के राष्ट्रीय सचिव रामबली प्रसाद को उच्चस्तरीय सरकारी साजिश के तहत 18 दिसम्बर को गिरफ्तार करके एक नया फर्जी केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया था.

स्कीम कर्मियों ने आयोजित की सफल देशव्यापी हड़ताल

विभिन्न सरकारी योजनाओं में कार्यरत स्कीम कर्मचारियों ने 17 जनवरी 2018 को सफल देशव्यापी हड़ताल संगठित की. विभिन्न योजनाओं में कार्यरत लगभग 20 लाख कर्मचारियों ने देशभर में सड़कों पर उतर कर रैलियों, प्रदर्शनों और धरनों से इस हड़ताल को सफल बनाया और पूरे देश में जिला मुख्यालयों पर जिलाधिकारियों के मार्फत वित्त मंत्री को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा. एक प्रेस बयान जारी कर इसी दिन केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों ने सफल हड़ताल के लिये स्कीम कर्मियों को बधाई दी.

बजट 2018 - मजदूर-विरोधी, कॉरपोरेट-परस्त थोथी बातें, भ्रामक दावे, लेकिन संकट ग्रस्त जनता के लिए कोई राहत नहीं

1 फरवरी 2018 को पेश बजट 2018-19 भी अरुण जेटली द्वारा पेश पिछली सालों के बजटों की तरह ही बजट में की गई घोषणाओं को लागू करने के लिए कोई ठोस आवंटन राशि का प्रावधान बनाये बगैर की गई खोखली बयानबाजी है. इस बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को तबाह कर रहे कृषि संकट को हल करने की दिशा में कोई कोशिश नहीं की गई, फिर भी 2022 तक किसानों की आय दुगना करने के खोखले वायदे को दुहरा दिया गया है. देश भर में किसान संगठनों द्वारा उठाई जा रही कर्ज मुक्ति की मांग पर बजट पूरी तरह चुप है और इसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य को स्वामीनाथन आयोग की अनुशंसाओं के अनुसार लागू करने का दावा बिल्कुल ही आधारहीन एवं भ्रामक है.

गणतंत्र दिवस 2018 का संकल्प

26 जनवरी 2018, सन् 2014 में मोदी के प्रधानमंत्री पद पर बैठने के बाद से चैथा गणतंत्र दिवस है. इस मोदी शासनकाल के दौरान आये हर गणतंत्र दिवस ने हमको अपने धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणतंत्र की संवैधानिक आधारशिला पर बढ़ते फासीवादी हमले के बारे में तीव्रता से अवगत कराया है. जब यह शासन अपनी अवधि के अंतिम चरण में पहुंच रहा है, तब संविधान पर, उसकी संरचना और कार्य-पद्धति, दोनों लिहाज से हमले केवल तीखे होते जा रहे हैं.

आंदोलन की हुई जीत. लगभग 32 घंटे से चल रहा जाम हुआ समाप्त

भाकपा -माले के नेतृत्व में बालू मजदूरों के रोजी - रोटी के सवाल पर , बालूघाट से पोकलेन मशीन हटाव, मजदूरों का मजदूरी बढ़ाओ के लिए भोजपुर के किरकिरी बालूघाट को पिछले दो दिनों से चल रहा जाम आंदोलनकारी और अधिकारियों के बीच मैराथन वर्ता के बाद समाप्त हो गया.

आंदोलनकारियों - अधिकारियों, ठेकेदार के बीच निम्न लिखित समझौता हुआ.

  1. सूर्योदय से सूर्यास्त तक पोकलेन मशीन का उपयोग नही होगा.
  2. मज़दूरों को एक ट्रैक्टर लोड करने के लिए 200 मजदूरी देना होगा.

दंगा

दंगा / गोरख पाण्डेय

1.
आओ भाई बेचू आओ
आओ भाई अशरफ आओ
मिल-जुल करके छुरा चलाओ
मालिक रोजगार देता है
पेट काट-काट कर छुरा मँगाओ
फिर मालिक की दुआ मनाओ
अपना-अपना धरम बचाओ
मिलजुल करके छुरा चलाओ
आपस में कटकर मर जाओ
छुरा चलाओ धरम बचाओ
आओ भाई आओ आओ

2.

छुरा भोंककर चिल्लाये ..
हर हर शंकर
छुरा भोंककर चिल्लाये ..
अल्लाहो अकबर
शोर खत्म होने पर
जो कुछ बच रहा
वह था छुरा
और
बहता लोहू…

3.

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गरीब - मज़दूरों की रोजी - रोटी छीन, उनके पेट पर लात मारकर बालूघाट नहीं चलने दिया जाएगा

 किरकिरी बालूघाट पर बालू माफियाओं के राज नही चलेगा, भाकपा - माले ने किया किरकिरी बालूघाट को अनिश्चितकालीन जाम!

आज सुबह से क्षेत्र के अनेक गांवों से बालू घाट के मजदूरों अपने हाथों में लाल झंडा लिए अजीमाबाद पहुंचे और वहां से बड़ी संख्या में मार्च निकालते हुए किरकिरी बालूघाट को जाम कर दिया. मार्च में अपने मांगों के समर्थन में बालू घाट से पोकलेन मशीन घटाव, मज़दूरों से बालू उठाव, मशीनीकरण के नाम पर गरीब - मज़दूरों की रोजी - रोटी छीनना बंद करो, बालूघाट से माफियाओ का राज समाप्त करों आदि नारे लगा रहे थे .

खोखा-पटरी के दुकानदारों को उजाड़ना बंद करो दिल्‍ली के सभी स्‍ट्रीट वेण्‍डरों को लाइसेंस दो

खोखा-पटरी के दुकानदारों को उजाड़ना बंद करो!  दिल्‍ली के सभी स्‍ट्रीट वेण्‍डरों को लाइसेंस दो!!

दिल्‍ली में आज-कल खोखा-पटरी वालों और छोटे दुकानदारों को उजाड़ने का काम तेजी से चल रहा है । रोजगार कर अपनी आजीविका चलाना हमारा संवैधानिक अधिकार है । हम अपने अधिकारों और रोजी-रोटी पर हमला नहीं सहेंगे । हमारी मांग है कि सरकार खोखा-रेहड़ी-पटरी के छोटे कारोबारियों और छोटे दुकानदारों को उजाड़ना तत्‍काल बंद करे ।  

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति द्वरा आयोजित किसान मुक्ति सम्मेलन

आज पटना के अवर अभियन्ता भवन में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति द्वरा आयोजित किसान मुक्ति सम्मेलन में किसानों के सम्पूर्ण कर्ज की माफ़ी,फसल का लाभकारी मूल्य के साथ बिहार में घाटे की खेती का भार उठा रहे बटाई दार किसानों को खेती करने का पहचान-पत्र देने व बटाईदारी का रेट फिक्स्ड करने की मांग उठाई

नीतीश का मानव श्रृंखला बुरी तरह हुआ फ्लॉप

अनैतिक तरीका अपनाते हुए कक्षा पांच से नीचे के बच्चों को जबरन कराया शामिल सरकार के खिलाफ स्कीम वर्कर 29 को जेल भरेंगे।

सितारगंज एक्टू का प्रथम सम्मेलन सम्पन्न

सितारगंज एक्टू का प्रथम सम्मेलन जबरदस्त सोलिडेरिटी के साथ, अम्बेडकर प्रतिष्ठान  में सम्पन्न हुआ

सम्मेलन की शरुवात जलूस से हुई. जलूस पूरे एक घंटे तक शहर की सड़कों में हाशिया हथोड़े चमकाते लाल झंडों व इरादों को जाहिर किया.जलूस का नेतृत्व एक्टू जिला अध्यक्ष कामरेड दिनेश तिवारी, भाकपा (माले) जिला सचिव कॉमरेड आनंद नेगी, एक्टू जिला उपाध्यक्ष बच्ची सिंह बिष्ट व जिला सचिव कॉमरेड रीता कश्यप ने किया.

जस्टिस लोया की संदिग्ध मौत की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने के लिए इलाहाबाद मेे कार्यक्रम

आज जस्टिस बी एच लोया की संदिग्ध मौत की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने के लिए एव चार उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशो द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस का समर्थन करते हुए गांधी प्रतिमा बालसन चौराहे इलाहाबाद पर धरना प्रदर्शन किया गया

नोटबन्दी और जीएसटी से परेशान होकर व्यवसायी की आत्महत्या की कोशिश और उसके बाद दुर्भाग्यपूर्ण मौत सरकार की गलत नीतियों का दुष्परिणाम

नोटबन्दी और जीएसटी से परेशान होकर व्यवसायी की आत्महत्या की कोशिश और उसके बाद दुर्भाग्यपूर्ण मौत सरकार की गलत नीतियों का दुष्परिणाम है। भाकपा(माले) जिला कमेटी ने प्रेस बयान में यह बात कही।

आन्दोलन से डरी धोखेबाज नितीश/भाजपा सरकार द्वारा गिरफ्तार किए गए कर्मचारी नेता रामबली प्रसाद व अन्य जेल से रिहा

बेउर जेल गेट से की आगवानी लोकप्रिय मज़दूर कर्मचारी नेता रामबली प्रसाद सहित ऐटक नेता मो०आलम,एएनएम(आर) लक्की कुमारी,मनोज श्रीवास्तव,सुरेंद्र पासवान .......

नफरत नहीं अधिकार चाहिए! शिक्षा और रोजगार चाहिए!

नफरत नहीं अधिकार चाहिए ! शिक्षा और रोजगार चाहिए

10 जनवरी को आदर्श कॉलज,राजधनवार ,गिरिडीह पहुँचकर कर अपना वोट छात्र हित में करे! कॉ0 महेंद्र सिंह,भगत सिंह ,बाबा भीमराव अमेडकर और विरसा मुंडा के सपनों का भारत बनाने की लड़ाई को तेज करे
आदर्श कॉलेज छात्रसंघ चुनाव 2018

 

महाराष्ट्र में दलित-बहुजनों के खिलाफ हिंसा के लिए महाराष्ट्र सरकार जिम्मेवार

5 जनवरी को भाकपा-माले का राज्यव्यापी विरोध दिवस. भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव में दलितों पर हिंदुवादी संगठनों द्वारा किए गए बर्बर हमले की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि एक बार फिर से भाजपा का दलित प्रेम का ढोंग उजागर हो गया है. महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ....

एएनएम(आर) का सिविल सर्जन के समक्ष राज्यव्यापी प्रदर्शन

पटना सिविल सर्जन को सौंपा 6 सूत्री मांग पत्र. रामबली की रिहाई,फ़र्ज़ी मुकदमा वापस लेने,एएनएम(आर) की सभी मांगें पूरी करने की उठाई मांग लोकप्रिय मज़दूर व कर्मचारी नेता रामबली प्रसाद सहित सभी नेताओं की बिना शर्त रिहाई, ...........

कामरेड नवीन को लाल सलाम!

कामरेड नवीन को लाल सलाम!

नक्सलवादी आंदोलन की पहली पीढ़ी के नेता का. नवीन (शिवकुमार) का 78 वर्ष की उम्र में गत 6 दिसंबर को रूपौली (पूर्णिया) के आजोकोपा में निधन हो गया. वे मूलतः पटना जिले के बाढ़ के रहने वाले थे.

कामरेड दिनेश मौर्य को लाल सलाम

उत्तर प्रदेश के चन्दौली में भाकपा-माले की जिला कमेटी के सदस्य व उभरते किसान नेता का. दिनेश मौर्य (करीब 47 वर्ष) की 16 दिसम्बर 2017 को अपराधियों ने सुनियोजित ढंग से निर्मम हत्या कर दी. का. दिनेश लगभग एक दशक से लगातार पार्टी में सक्रिय थे.

गोपालगंज, बिहार चीनी मिल हादसा

भाकपा-माले और ऐक्टू ने गोपालगंज चीनी मिल हादसे को बेहद दर्दनाक बताया है और मृतक परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की है. साथ ही यह भी कहा है कि जिन लोगों की गलतियों से इतना बड़ा हादसा हुआ, उनपर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए.

नगर निगम के सफाई कर्मियों का अनिश्चितकालीन धरना

नगर निगम के सफाई कर्मियों का धरना सभी मांगों को पूरा करने के आश्वासन के बाद समाप्त किया. नगर आयुक्त ने सफाई कर्मियों का वेतन बढ़ाने, सेवा स्थाई करने हेतु पद सृजित कर नगर विकास मंत्रालय को भेजने....

ऐक्टू की तमिलनाडु राज्य इकाई का 9वां सम्मेलन संपन्न

ऐक्टू की तमिलनाडु राज्य इकाई का 9वां सम्मेलन संपन्न 16-17 दिसंबर को चेन्नई में ऐक्टू का तमिलनाडु राज्य सम्मेलन संपन्न हुआ. सम्मेलन स्थल को का. श्रीलता स्वामीनाथन नगर और हॉल को का. स्वप्न मुखर्जी के नाम पर रखा गया.

भागलपुर में असंगठित मजदूरों का प्रदर्शन

ऐक्टू से सम्बद्ध असंगठित कामगार महासंघ की शाखा मोटिया-ठेला मजदूर यूनियन के बैनर तले एकजुट हुए मजदूरों ने मजदूर व ट्रेड यूनियन अधिकारों पर जारी सरकारी हमलों के खिलाफ और सामाजिक सुरक्षा व सम्मान, मजदूरी बढ़ाने, स्वास्थ्य सेवाओं की गारंटी करने, जीएसटी वापस लेने

मोजर बेअर इंडिया लि. में तालाबन्दी के शिकार कर्मचारियों के पक्ष में उठ खडे हों!

मोजर बेअर इंडिया लिमिटेड जो ग्रेटर नोएडा, उ.प्र. मे अवस्थित है, गत चार नवम्बर 2017 से तालाबंदी का शिकार है. आमतौर पर तालाबन्दी वहीं होती है जहां के कर्मचारी अपनी कुछ मॉगों के लिए आन्दोलन कर रहे होते हैं, लेकिन मोजर बेअर में इस तरह का कोई मामला भी नहीं था,

झारखंड के पलामू में आइसा की जिला कमेटी ने राजस्थान में ‘लव जिहाद’ के नाम पर प्रवासी मजदूर अफराजुल खान की बर्बर हत्या के खिलाफ 10 दिसंबर 2017 को नुक्कड़ सभा आयोजित की

झारखंड के पलामू में आइसा की जिला कमेटी ने राजस्थान में ‘लव जिहाद’ के नाम पर प्रवासी मजदूर अफराजुल खान की बर्बर हत्या के खिलाफ 10 दिसंबर 2017 को नुक्कड़ सभा आयोजित की. आइसा ने डाल्टनगंज स्थित छःमुहान चैक पर भगवा आतंक के खिलाफ आक्रोशपूर्ण नारे लगाये. इसी दिन ऐक्टू ने प्रवासी मजदूर अफराजुल की बर्बर हत्या के खिलाफ रांची में प्रतिवाद मार्च निकाला. मार्च राज्य कार्यालय महेंद्र सिंह भवन से शुरू होकर अलबर्ट एक्का चैक पर जाकर प्रतिवाद सभा में परिणत हो गया.

बाबरी मस्जिद विध्वंस की 25वीं बरसी: न्याय के लिये लड़ाई जारी है

25 वर्ष पहले बाबरी मस्जिद के गिराये जाने से भारत की धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र पर जो घाव लगे थे, वे आज भी ताजा हैं. और भाजपा सरकार और उसके एजेन्टों द्वारा उसी जगह पर, जहां कभी मस्जिद खड़ी थी, मंदिर के निर्माण के लिये जिस कदर जोरदार प्रयास चलाये जा रहे हैं, उससे उन घावों पर नमक ही छिड़का जा रहा है.

जन प्रतिरोध को बुलन्द करें, फासीवादी ताकतों को परास्त करें ! सामाजिक-आर्थिक बदलाव, बराबरी और सम्मान के संघर्षों को आगे बढ़ाएं ! भगत सिंह और उनके साथियों की विरासत को बुलन्द करें ! भाकपा (माले) के 10वें पार्टी महाधिवेशन को सफल बनायें !

जन प्रतिरोध को बुलन्द करें, पफासीवादी ताकतों को परास्त करें ! सामाजिक-आर्थिक बदलाव, बराबरी और सम्मान के संघर्षों को आगे बढ़ाएं ! भगत सिंह और उनके साथियों की विरासत को बुलन्द करें ! भाकपा (माले) के 10वें पार्टी महाधिवेशन को सफल बनायें !

27 दिसम्बर को रांची, झारखंड में गिरफ्तारी के विरोध में ऐक्टू और महासंघ ने प्रदर्शन किया

बिहार के मुख्यमंत्री के नाम केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों का संयुक्त ज्ञापन

मजदूर-कर्मचारी नेता रामबली प्रसाद सहित गिरफ्तार नेताओं पर से मनगढ़ंत व फर्जी मुकदमा वापस लेते हुए रिहा करने तथा एएनएम (आर) की न्यायोचित मांगों की पूत्र्ति के संबंध में केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों का संयुक्त ज्ञापन।

कर्मचारी नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन

कर्मचारी नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन

बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) व बिहार राज्य अनुबन्ध-मानदेय नियोजित सेवाकर्मी संयुक्त मोर्चा के आहृान पर इससे जुड़े कई संगठनों के सैकड़ों कर्मियों ने लोकप्रिय कर्मचारी व मजदूर नेता रामबली प्रसाद सहित गिरफ्तार सभी नेताओं को बिना शर्त अविलम्ब रिहा करने, एएनएम पर से फर्जी मुकदमा वापस लेने व एएनएम

नेपाल में वामपंथी गठबंधन की जीत का स्वागत

भाकपा-माले और ऐक्टू ने नेपाल के संसदीय चुनावों में अच्छे बहुमत के साथ जीत के लिए वामपंथी गठबंधन (नेकपा-एमाले और नेकपा-माओवादी के गठबंधन) को गर्मजोशी से बधाई दी है. ये नतीजे खास तौर पर महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि नव-निर्वाचित संविधान के अंतर्गत कराया गया यह पहला चुनाव था.

वर्ष 2018 को फासीवाद के खिलाफ जन एकता और प्रतिरोध का वर्ष बना दो!

वर्ष 2017 को मुसलमानों एवं ईसाई अल्पसंख्यकों पर, दलितों और मोदी शासन के आलोचकों पर, और भारत के संविधान तथा राज्य-प्रणाली के धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक चरित्र पर हुए कई बदतरीन हमलों के लिये याद किया जायेगा.

भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के नाम अपील

मद्रास हाईकोर्ट द्वारा प्रिकॉल के दो मजदूर साथियों मनीवनन और रामामूर्ति को दी गई आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ की गई अपील को सुप्रीम कोर्ट ने सुनने से ही इनकार कर दिया, जबकि इसी दिन सुप्रीम कोर्ट ने प्रिकॉल प्रबंधन द्वारा दायर की गई एसएलपी पर मद्रास हाई कोर्ट द्वारा बरी किए गए कामरेडों में से 6 और सेशन कोर्ट और हाई कोर्ट से बरी किए गए एक कामरेड को नोटिस जारी किया

Maharashtra Government Responsible For Violence Against Dalit-Bahujans Observing Bhima Koregaon Battle Anniversary

On January 1 every year, Dalits and Bahujans gather at Bhima Koregaon near Pune to commemorate the anniversary of the Bhima Koregaon Battle of 1818 in which the British Bombay Native Infantry, comprising mostly Mahar Dalit soldiers, defeated the Peshwa army.

रामबली प्रसाद की रिहाई व एएनएम (आर) की मांग पर ट्रेड यूनियनों का संयुक्त प्रदर्शन

लोकप्रिय कर्मचारी-मज़दूर नेता रामबली प्रसाद की रिहाई व एएनएम (आर) की मांग पर ट्रेड यूनियनों का पटना के कारगिल चौक पर 30 दिसंबर 17 को हुये सन्युक्त प्रदर्शन में ऐक्टू राज्य सचिव रणविजय कुमार का मीडिया को दिया गया बयान

https://t.co/98mK7fBToK

लोकतान्त्रिक अधिकारों पर बढ़ते हमले व बर्बर राजकीय दमन के खिलाफ भागलपुर कलेक्ट्रेट पर भाकपा-माले ने किया आक्रोश प्रदर्शन

बर्बर पुलिस दमन, झूठे मुकदमें में भाकपा-माले नेताओं व बेघर मजदूर महिला की गिरफ़्तारी और कटाव-पीड़ित बेघर गरीबों पर बर्बर पुलिसिया हमले व उनकी झोपड़ियां उजड़े जाने के खिलाफ आज भाकपा-माले ने भागलपुर कलेक्ट्रेट पर आक्रोश प्रदर्शन किया

का. रामबली प्रसाद की गिरफ्तारी के खिलाफ पटना में संयुक्त प्रदर्शन

बिहार में NDA के शासनकाल में श्रमिकों की मांगों को मानना , प्रतिनिधि मण्डल से मिलना तो दूर धोखे से बुलाकर गिरफ्तार कर लिया जा रहा है। ANMR बिहार के 51 दिन चली हडताल के मध्य 18 दिसम्बर को कर्मचारी नेता रामबली प्रसाद व चार अन्य निर्दोष लोंगों के साथ ऐसा ही वाकया घटित हुआ। सरकार की इस दमनकारी नीति के खिलाफ पटना में संयुक्त प्रदर्शन

Comrade Shanti Devi

Com. Shanti Devi, a popular and fighting leader of AIPWA from Tarari, Bhojpur passed away on 16 December 2017. She was 55 years of age. Com. Shanti Devi had been keeping unwell and was with her brother in Chhattisgarh and at the time of her death.

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Tragic Death of Workers in Gopalganj Sugar Mill Accident

CPI(ML) Bihar State Secretary Com. Kunal described the Gopalganj Sugar Mill accident as extremely tragic and expressed his condolences to the families of those who lost their lives in the night of 20 December, after a boiler exploded. He also said that strict action must be taken against the those responsible for this accident. As per the fact finding report of CPI(ML), 6 people have already lost their lives and this number could increase in days to come. Several workers have been hospitalized with severe burn injuries.

Municipal Labour Unions Strike in Mangalagiri

A strike was called under the leadership of municipal labor unions of AICCTU and CITU across districts in Andhra Pradesh to protest against the government order (GO) No. 279, promulgated by the Department of Municipal Administration that threatens to displace the workers as the contractors would be free to cut down on man power and make limited workers work resulting in more profits for the companies.

रामबली के रिहाई के मसले पर ट्रेड यूनियनों की सन्युक्त बैठक कल

कार्यपालक सहायक ने रामबली प्रसाद के रिहाई की मांग पर लगाया काला बिल्ला, रिहाई होने तक राज्य सरकार के खिलाफ काला बिल्ला लगाने का एलान । पाटना,27 दिसंबर'17 ---------------------------- स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय द्वारा आंदोलनरत एएनएम(आर) के मांगों पर वार्ता के लिए आमंत्रित कर 18 दिसंबर को वार्ता करने गए लोकप्रिय मज़दूर व कर्मचारी नेता रामबली प्रसाद सहित अन्य लोगों को धोखे से गिरफ्तार कराये जाने के खिलाफ रामबली प्रसाद सहित अन्य सभी गिरफ्तार नेताओं के रिहाई,एएनएम की मांगें पूरा करने तथा फ़र्ज़ी मुकदमा वापस लेने की मांग पर आज राज्य भर में कार्यपालक सहायको ने काला पट्टी बांध राज्य सरकार के दमनकारी नीतियों का विरोध किया ।

पीजीआई कांट्रेक्ट वर्करों के लिए जागरूकता अभियान

आज पीजीआई चंडीगढ़ में प्रभात सिंह और सुखदेव सहोता की अगुवाई में पीजीआई कांट्रेक्ट वर्करों के लिए जागरूकता अभियान चलाया। जिसमें आल इन्डिया सेन्ट्रल कौंसिल आफ ट्रेड यूनियन (*एकटू *) के जनरल सेक्रेटरी साथी सतीश कुमार को भी वर्करों उनके अधिकारों के लिए जागरूक करने के लिए बुलाया था। जिसमें साथी सतीश कुमार ने कहा कि आज देश भर में वर्करों की हालत बहुत ही चिंता जनक है क्योंकि पीजीआई जैसे अस्पताल में वर्करों वर्कर के अधिकारों से वंचित किया गया है जैसे कि बहुत सारे वर्करों कोवहां पर काम करते हुए 15 से 18 साल हो गए फिर भी न तो वर्करों को स्थाई किया न ही स्थाई कर्मचारियो

रामबली प्रसाद की रिहाई की मांग पर राज्य भर में कर्मियों ने काली पट्टी लगा किया कार्य।

लोकप्रिय कर्मचारी व मज़दूर नेता रामबली प्रसाद सहित गिरफ्तार नेताओं की बिना शर्त रिहाई व एएनएम (आर) की न्याययोचित मांगों पर वार्ता कर मांगे पूरा करने तथा फर्जी मुकदमा वापस लेने की मांग पर महासंघ (गोपगुट) व बिहार राज्य अनुबन्ध- मानदेय नियोजित सेवाकर्मी सन्युक्त मोर्चा के राज्यव्यापी आह्वान पर रामबली प्रसाद की रिहाई तक कर्मियों ने आज से काला बिल्ला लगा किया काम और कई जगह प्रदरहन भी किया ।

भाकपा माले द्वारा चानहों प्रखण्ड मुख्यालय रांची का घेराव

जो ज़मीन सरकारी है वो ज़मीन हमारी है। गलत जमाबंदी रद्द करने और भूमि बैंक के नाम पर किसानो की ज़मीन हड़पने की सजिश बंद करो , गैरमज़रुआ भूमि की मालगुजारी रशीद दख़लकार किसानो को जारी करो के नारे के साथ भाकपा माले ने आज चानहों प्रखण्ड मुख्यालय रांची का घेराव किया । बड़ी संख्या मे ग्रामीण गरीबों ने हिस्सा लिया। तीन घंटे तक गाड़ी समेत बीडीओ जनता के घेरे मे रहे ।भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा वापसी जन संघर्ष की जीत है ।

लोकप्रिय कर्मचारी व मज़दूर नेता रामबली प्रसाद सहित गिरफ्तार सभी नेताओं को बिना शर्त अविलम्ब रिहा करने,फ़र्ज़ी मुकदमा वापस लेने, एएनएम की मांगें पूरा करने की मांग पर प्रदर्शन व सीएम का पुतला दहन ।

बि0रा0अरा0कर्म0महासंघ (गोप गुट) व बिहार राज्य अनुबन्ध-मानदेय नियोजित सेवाकर्मी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर इससे जुड़े कई संगठनों के सैकड़ों कर्मियों ने आज लोकप्रिय कर्मचारी व मज़दूर नेता रामबली प्रसाद सहित गिरफ्तार सभी नेताओं को बिना शर्त अविलम्ब रिहा करने,एएनएम पर से फ़र्ज़ी मुकदमा वापस लेने व एएनएम(आर) की मांगों पर सम्मानजनक वार्ता कर न्याययोचित मांगें को पूरा करने की मांग पर राजधानी पटना में आक्रोशपूर्ण मार्च निकाला और गर्दनीबाग में मुख्यमंत्री का पुतला फूंका । आज दिन के 2 बजे गेट पब्लिक लाइब्रेरी, गर्दनीबाग से आक्रोशपूर्ण मार्च निकाला जो गर्दनीबाग स्थित धरनास्थल तक गया जहांमुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल एएनएम नर्स,गोप गुट से जुड़े सरकारी कर्मी व अन्य संविदाकर्मियों ने नीतीश कुमार शर्मा करो वार्ता के बहाने नेताओं को गिरफ्तार करना बन्द करो,महिला स्वास्थ्य कर्मी एएनएम से आंख से आंख मिलाकर वार्ता से भागने वाले स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय शर्म करो,एएनएम आर की सभी मांगें अविम्ब पूरा करो,फ़र्ज़ी मुकदमा वापस लो आदि नारा लगाया रहे थे ।

Comrade Dinesh Maurya

Comrade Dinesh Maurya, member of the party’s Chandauli district committee in Uttar Pradesh, was murdered by criminals at 4 in the evening on December 16, 2017.

He had been on his way back from the public tribunal in Mirzapur against the loot of adivasis’ forest land. He got down from a bus with his mother-in-law, just inside the Banaras-Chandauli border. One of the criminals was on the same bus and called the killers to the spot. Comrade Dinesh Maurya was flung over the high railings into the Ganga river, and his body was recovered only the next day.

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Comrade Naveen

In the morning of 6 December 2017, Comrade Satyadev Prasad (known as Naveen Ji and as Shivkumar Ji inside the party) passed away in village Ajhokuppa in Rupauli block in Purnea district of Bihar, in a party supporter Comrade Veena Devi’s home. Comrade Naveen had been ailing for some years.

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Comrade Khudan Mallick

Leader of the Naxalbari movement comrade Khudan Mallick died on 29 November 2017 in North Bengal Medical College and Hospital where he was admitted after a lung infection. A very popular peasant organiser, he was also in the CPI(ML)’s delegation which visited China in September 1967.

Red Salute to Comrade Khudan!

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DTC: Delhi Transport in Crisis

Ardhendu Roy

The Delhi Transport Corporation (DTC) bus service is Delhi’s lifeline – to combat life-threatening pollution, to ensure safe and reliable public transport for women, and as the go-to transport solution for those surviving on a meagre salary in a city like Delhi. But instead of getting stronger, this lifeline is fast shrinking, thanks to being starved of support by successive governments at the State and Centre.

FRDI Bill: Institutionalized Loot Of People’s Savings

Last year we were told that demonetization is a magic wand that would wipe out black money and corruption in the economy. We were told that black money hoarders would get scared and large swathes of cash won’t even return back to banks thus wiping out black money at least in form of large cash holdings, resulting in a windfall gain to the government. After a long wait Reserve Bank of India (RBI) has finally clarified that more than 99 percent of demonetized cash has returned back to the banking channels, making a mockery of all these claims.

Condemn US President Trump’s Declaration of Jerusalem as the Capital of Israel

US President Trump’s declaration that his administration recognizes Jerusalem as the capital of Israel and plans to shift the US embassy from Tel Aviv to Jerusalem is a bid to confer legitimacy on Israel’s illegal occupation of Palestine. This decision has rightly received condemnation from around the world, including from several member countries of the United Nations Security Council who condemned the decision at an emergency meeting of the UNSC.

Who Manufactures Terrorists Like Shambhulal Regar?

In Rajsamand in Rajasthan, Shambhulal Regar cold-bloodedly lured an immigrant labour contractor Afrazul to accompany him, felled him with an axe to the ground and then burnt him alive – all the while getting the grisly murder video-taped by his 14-year-old nephew.

Shambhulal also penned a 3-page note describing himself as “Shambhu Bhavani” (Bhavani is the name for a form of the Hindu goddess Durga, who wields a sword and killed asuras), and other videos boasting of the murder and threatening other murders.

Mandate Gujarat 2017: The BJP, Though Victorious, Stands Eroded In Its Stronghold

The Gujarat Assembly Elections 2017 mandate is notable not so much for BJP’s victory but for the sizeable shrinking of support for BJP, not only since the 2012 Assembly Elections but since the 2014 Parliamentary Elections.

The election campaign was marked by increasing desperation on part of the BJP and its leadership team of Modi and Amit Shah. The winter session of Parliament was postponed, the entire cabinet camped in Gujarat, neglecting every other issue in the country.

Comrade Dinesh Maurya

Comrade Dinesh Maurya, member of the party’s Chandauli district committee in Uttar Pradesh, was murdered by criminals at 4 in the evening on December 16, 2017.

He had been on his way back from the public tribunal in Mirzapur against the loot of adivasis’ forest land. He got down from a bus with his mother-in-law, just inside the Banaras-Chandauli border. One of the criminals was on the same bus and called the killers to the spot. Comrade Dinesh Maurya was flung over the high railings into the Ganga river, and his body was recovered only the next day.

RYA Meeting in Bhojpur

RYA Meeting in Bhojpur

A youth meeting was organized on 11 December 2017 at the CPI(ML) Bhojpur Party office under the leadership of the RYA. The chief guests at the meeting were CPI (ML) Politbureau member Com. Swadesh Bhattacharya, District Secretary Com. Jawaharlal Singh, City Secretary Com. Dilraj Pritam, RYA State President Com. Manoj Manzil, and AISA State Secretary Com. Shivprakash Ranjan.

People’s Tribunal in Mirzapur Against Loot of Adivasi Land

The CPI (ML) and AIARLA organized a Jansunvai (People’s Parlliament) at Oliyar Ghat in Mirzapur on 17 December 2017. The BJP government and administration are flouting all laws to unleash brutal repression in the rural areas of Mirzapur which have an adivasi majority. The Forest Rights Act was passed in 2006 after a long struggle. It is the responsibility of the government and the administration to implement this Act, but it has not been implemented even to the slightest degree.

नफरत के ख़िलाफ़, अमन के लिए ! उन्माद के ख़िलाफ़, सामाजिक सौहार्द के लिए ! भीड़तंत्र के खिलाफ, लोकतंत्र के लिए ! हैवानियत के खिलाफ़, इंसानियत के लिए आगे आओ !

नफरत के ख़िलाफ़, अमन के लिए !

उन्माद के ख़िलाफ़, सामाजिक सौहार्द के लिए !

भीड़तंत्र के खिलाफ, लोकतंत्र के लिए !

हैवानियत के खिलाफ़, इंसानियत के लिए आगे आओ !

उदयपुर के नागरिकों से अपील हैं की बड़ी से बड़ी संख्या मे भागीदारी कर शहर मे शांति और सामाजिक सौहार्द के लिए निकाले जा रहे मार्च को सफल करे ।

दिनांक : दिसंबर 21 (गुरुवार)

समय : सुबह 11 बजे

स्थान : टाउन हॉल से

निवेदक : भाकपा , माकपा, भाकपा (माले), पी. यू. सी. एल. और लोकतांत्रिक अधिकार और सदभावना मंच

 

State-wide Protests in Uttar Pradesh Against Murder of Peasant Leader in Chandauli

The emerging peasant leader of Chandauli district and the member of party’s district committee, Com. Dinesh Maurya was brutally murdered while returning from the people’s tribunal organised in Mirzapur on 16 December by criminal goons belonging to land mafia and protected by the BJP. On 22 December, the party called for a state wide protest day against the murder of Com. Dinesh Maurya. He was killed as he got down from a bus near Banaras-Chandauli border and his body was flung into the Ganga river. His body was recovered by police divers the next day.

Mining Workers’ Protest in Odisha

On 19 December, nearly three hundred mining workers came together to protest in front of Odisha Assembly. The workers had a six-point demands that included opening the Kalarangi mining soon; release of gratuity money of the workers; EPF provisions; linking pension funds with provident fund office; proper utilisation of District mineral development fund in mining affected villages; and others. Com. Radhakant Sethi, state General Secretary of AICCTU, Com. Mahendra Parida, National secretary of AICCTU, and Com.

बिहार के चर्चित कर्मचारी नेता रामबली प्रसाद और महासंघ गोप गुट के महासचिव प्रेमचंद सिन्हा के गिरफ्तारी की निंदा । गिरफ्तार नेताओं को रिहा करने की मांग पर राज्य भर में दो दिवसीय आंदोलन कल से ।

बिहार के चर्चित कर्मचारी नेता रामबली प्रसाद और महासंघ गोप गुट के महासचिव प्रेमचंद सिन्हा के गिरफ्तारी की निंदा ।

गिरफ्तार नेताओं को रिहा करने की मांग पर राज्य भर में दो दिवसीय आंदोलन कल से ।
नीतीश सरकार एएनएम आर के मुद्दे पर दमन,धोखाधड़ी पर उतर आई है ।

चरनदास चोर (Hosted by Sangwari - Theatre Group)

चरनदास चोर
Hosted by Sangwari - Theatre Group (29 December at 18:00–20:30)
Venue: Vasuki Auditorium Lok Kala Manch Lodhi Road, New Delhi

Ever met a man who is a thief by profession and at the same time is a man of principles and integrity.
Sangwari Cultural Group presents "Charandas Chor", a play written by Habib Tanvir, directed by Kapil Sharma , the story of a thief who upholds his principle of speaking the truth without abandoning his duties as a thief.

भाकपा (माले) ने फूंका मुख्यमंत्री का पुतला, कहा संसदीय मर्यादा पर चोट

विधान सभा में मुख्यमंत्री के असंसदीय बड़बोले बोल और मांडर के मनरेगा मजदूर कार्लुस कुजूर की मजदूरी भुगतान मे देरी से हुई मौत के खिलाफ आज भाकपा (माले) रांची नगर कमिटी ने अल्बर्ट एक्का चौक पर मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। पार्टी कार्यक्रताओं ने मुख्यमंत्री के अपशब्दों के उपयोग को संसदीय मर्यादा पर चोट बताया। मनरेगा मजदूर की मौत के जिम्मेदार अधिकारियों को जेल दो, मजदूर किसानों की मौत क्यों मुखयमंत्री जवाब दो मृतक के आश्रित को दस लाख रुपये मुआवजा देना होगा के नारे लगाए।

Countrywide Protests Against Horrific Killing of Mohammad Afrazul in Rajasthan

On 6 December 2017, Mohammad Afrazul, a 45 year old man was brutally hacked and burnt in Rajsamand in Rajasthan. While the killer committed the horrific act, the killing was filmed and the video uploaded on the internet. The video showed the killer declaring that he killed to save a woman from “love jihad” and was also heard making other references to Hindu-Muslim relationships, threatening to “find each one of them and kill.” This is in continuing series of hate crimes in Rajasthan that earlier in the year claimed the lives of Pehlu Khan, Umer Khan and Zafar Khan.

AIPWA Demands Women’s Reservation Bill to Be Passed in Winter Session

AIPWA Demands Women’s Reservation Bill to Be Passed in Winter Session

AIPWA organized protests demanding that the bill for 33% reservation for women be passed in the winter session of the Parliament. In Patna, AIPWA and other women organizations organized a protest march. Women leaders addressing the protest march declared that if the bill was not passed in the winter session, strong countrywide agitations would be organized. In Guntur district of Andhra Pradesh also, women held a protest demonstration and submitted a memorandum to the government.

Comrade Ratan Singh Danu

Comrade Ratan Singh Danu passed away on 12 Dec. 2017 in Bindukhatta of Nainital district. He was 80. He was a leading comrade in Bindukhatta’s land struggle since 80s. Very soft spoken and always smiling Ratan Da, as he was popularly known and revered by all, remained active in party till his last breath.
Red Salute to Comrade Ratan Da !

राजस्थान में प्रवासी मजदूर अफराजुल शेख(50)की बर्बर हत्या के खिलाफ कोलकाता में राजस्थान भवन के समक्ष सीपीआइ-एमएल का प्रोटेस्ट 8दिसम्बर।

Protest Against Barbaric Act
Protest Against Barbaric Act

राजस्थान के राजसमंद में ठंडे दिमाग और सुनियोजित तरीके से कुत्सित उद्देश्य के लिए की गई नृशंस हत्या और सोसल मीडिया पर उसका वीडियो डालने की घटना ने देश के विवेक को झकझोर कर रख दिया है।

परासी सोना खान परियोजना रद्ध करने की मांग पर पांचपरगना जमीन बचाओ समिति और आदिवासी जन परिषद् दुवारा आज राजभवन के समक्ष विशाल धरना

Parasai Sona Khan
Parasai Sona Khan

परासी सोना खान परियोजना रद्ध करने की मांग पर पांचपरगना जमीन बचाओ समिति और आदिवासी जन परिषद् दुवारा आज राजभवन के समक्ष विशाल धरना

परासी सोना खान परियोजना रद्ध करने की मांग पर पांचपरगना जमीन बचाओ समिति और आदिवासी जन परिषद् दुवारा आज राजभवन के समक्ष विशाल धरना गया। झाम

ऑल इंडिया आशा एसोसिएशन का केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को ज्ञापन

ऑल इंडिया आशा एसोसिएशन का केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को ज्ञापन

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा की ‘रीढ़’ आशा की सेवा का नियमितीकरण करने, सरकारी कर्मचारी घोषित करने एवं नियमन के पूर्व सभी आशा कर्मियों को राष्ट्रीय स्तर पर एक समान कम-से-कम 18000रू. न्यूनतम मासिक मानदेय की व्यवस्था करने के संबंध में.

सुप्रीम कोर्ट ने प्रिकोल कर्मचारियों की याचिका को खारिज किया

सुप्रीम कोर्ट ने प्रिकोल कर्मचारियों की याचिका को खारिज किया

13 नंवबर को एक चैंकाने वाले घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट ने प्रिकोल के दो कर्मचारियों मणिवन्न और राममूर्ती द्वारा दायर की गई स्पेशल लीव पेटिशन को खारिज कर दिया.

महाराष्ट्र राज्य सर्व श्रमिक महासंघ (संबद्ध ऐक्टू) का चीथा त्रौवार्षिक राज्य सम्मेलन

महाराष्ट्र राज्य सर्व श्रमिक महासंघ (संबद्ध ऐक्टू) का चीथा त्रौवार्षिक राज्य सम्मेलन

महासंघ का चैथा त्रैवार्षिक राज्य सम्मेलनं श्रीरामपुर (जि. अहमदनगर) के कॉ. भास्कर जाधव नगर में 26 नवंबर को संपन्न हुआ.

पिट्ठू पूंजीवाद, ‘उन्मादी विकास’ और लापरवाह शासन: विनाशकारी मोदी निजाम का बेनकाब होना

पिट्ठू पूंजीवाद, ‘उन्मादी विकास’ और लापरवाह शासन:

विनाशकारी मोदी निजाम का बेनकाब होना

गुजरात विधान सभा चुनाव के ठीक पहले विकास के गुजरात मॉडल के मोदी के प्रचार जखीरे में पलीते लगने शुरू हो गए हैं.

मोदी सरकार ने भारतीय अर्थतंत्र को पटरी से उतारा और उसका सत्यानाश किया

मोदी सरकार ने भारतीय अर्थतंत्र को पटरी से उतारा और उसका सत्यानाश किया

मोदी शासन ने क्या हासिल किया?

संसद के समक्ष मजदूर वर्ग की जोरदार एकताबद्ध दावेदारी मजदूर-विरोधी नीतियों के खिलाफ 3 दिनों का महापड़ाव

संसद के समक्ष मजदूर वर्ग की जोरदार एकताबद्ध दावेदारी मजदूर-विरोधी नीतियों के खिलाफ 3 दिनों का महापड़ाव

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और सेक्टरवार फेडरेशनों के संयुक्त मंच के 8 अगस्त को दिल्ली में आयोजित मजदूर सम्मेलन के आहृान पर हजारों-हजार मजदूरों ने संसद मार्ग को तीन दिनों तक लाल झंडों के समुद्र में बदल दिया.

उन्माद-उत्पात की ताकतों पर लगाम लगाने में नीतीश सरकार विफल.

उन्मादी-उत्पात की ताकतों पर लगाम लगाने में नीतीश सरकार विफल
उन्माद-उत्पात की ताकतों पर लगाम लगाने में नीतीश सरकार विफल.

उन्माद-उत्पात की ताकतों पर लगाम लगाने में नीतीश सरकार विफल.

पटना 3 दिसंबर 2017

मांग- पत्र सौपने जा रहे माले के जुलूस को पुलिस प्रशासन ने रोका, कार्यकर्ताओं ने किया मुख्य द्वार जाम

Samastipur Bihar
मांग- पत्र सौपने जा रहे माले के जुलूस को पुलिस प्रशासन ने रोका, कार्यकर्ताओं ने किया मुख्य द्वार जाम

मांग- पत्र सौपने जा रहे माले के जुलूस को पुलिस प्रशासन ने रोका, कार्यकर्ताओं ने किया मुख्य द्वार जाम

पूसा 3 दिसंबर 2017

Minorities, Dalits, and Workers Under Attack in Bihar

Communal tension has been prevailing since 2 December in Phulwari Sharif close to the capital Patna. On 2 December 150 people from the Muslim community from Gonpura were going to the Ishopur dargah to offer a ‘chaadar’ on the occasion of Prophet Mohammed’s birthday. They were attacked by Bajrang Dal Block President Uday Yadav’s son Sanjeev Yadav and his group who poured petrol and set the ‘chaadar’ ablaze. They also fired shots seriously injuring 2 people from the minority community.

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चालक-संवाहक के आंदोलन में आज अहले सुबह से ही ठप्प रहा सरकारी बस सेवा।

चालक-संवाहक के आंदोलन में आज अहले सुबह से ही ठप्प रहा सरकारी बस सेवा।
डिपो के गेट को घेरकर बैठे चालक-संवाहक!
करीब दरभंगा डिपो से निकलने वाली दो दर्जन बसें हुई प्रवाभित! #करीब 4 से 5 घंटा परिचालन रहा पूरा ठप्प!
आंदोलन के दवाब में झुका निगम प्रशासन! #चालक-संवाहक को वापस लिया कार्य पर।# निगम और चालक- संवाहकों के बीच नहीं रहेगा निषाद इंटरप्राइजेज- आर.एम।
चालको- संवाहकों के सम्पूर्ण सवाल पर 6 दिसम्बर को होगी उच्चस्तरीय वार्ता।

दरभंगा 2 दिसंबर 2017

Comrade Shankar Joshi

Comrade Shankar Joshi, 48, died of cancer on December 2 in Bindukhatta, Nainital. Com Shankar Joshi joined the CPI(ML) as a young man in the decade of the 80s. He played an important part in the militant land struggle for the settlement of Bindukhatta. He was always at the forefront in the struggles for the people for that area for issuing of ration cards, schools, electricity, hospitals and other facilities for the newly settled residents of Bindukhatta. Despite ill-health, he was at the forefront of the 2-year long struggle against the imposition of ‘Municipality’ on Bindukhatta.

Role of Contract Labour Advisory Board

The Contract Labour Act was passed to prevent exploitation of contract labour and also to introduce better conditions of work. The Act provides for regulation and abolition of contract labour. The underlined policy of the Act is to abolish contract labour wherever possible and practicable and where it can be abolished altogether, the working conditions of the contract labour should be so regulated as to ensure payment of wages and provisions of essential amenities.

बर्बर हत्या-बलात्कार के खिलाफ भागलपुर बन्द को मिला अपार जनसमर्थन सैकड़ों माले कार्यकर्त्ता-समर्थक उतरे सड़क पर, NH-80 को रखा घंटो जाम

bhagalpur bandh
बर्बर हत्या-बलात्कार के खिलाफ भागलपुर बन्द को मिला अपार जनसमर्थन सैकड़ों माले कार्यकर्त्ता-समर्थक उतरे

बर्बर हत्या-बलात्कार के खिलाफ भागलपुर बन्द को मिला अपार जनसमर्थन सैकड़ों माले कार्यकर्त्ता-समर्थक उतरे सड़क पर, NH-80 को रखा घंटो जाम

भागलपुर, 30 नवम्बर 2017 । बर्बर हत्या-अपराध की ब

जिले में बढ़ते हत्या-बलात्कार की बर्बर घटनाओं एवं हत्यारों-बलात्कारियों को नीतीश-भाजपा

जिले में बढ़ते हत्या-बलात्कार की बर्बर घटनाओं एवं हत्यारों-बलात्कारियों को नीतीश-भाजपा

BJP NITISH KUMAR Naxusजिले में बढ़ते हत्या-बलात्कार की बर्बर घटनाओं एवं हत्यारों-बलात्कारियों को नीतीश-भाजपा सरकार में हासिल सत्ता-संरक्षण के खिलाफ 30 नवम्बर को भाकपा-माले द्वारा आहूत भागलपुर बंद के समर्थन में वाहन प्रचार अभियान चल

CPI(ML) MLAs Protest in Bihar Assembly Against Bhagalpur Dalit Massacre

CPI(ML) MLAs Protest in Bihar Assembly Against Bhagalpur Dalit Massacre

CPI(ML) MLAs protested the government inside the Bihar Assembly on several burning issues concerning the people of Bihar on November 28. The leader of the Party legislature group in the Assembly Mahboob Alam said that ever since the BJP usurped power in Bihar the instances of communal frenzy and repression of dalits have grown by leaps and bounds, while Nitish Kumar remains a mute spectator, in flattering subservience to the RSS.

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All India Central Council of Trade Unions (AICCTU)

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उत्तराँचल बीज एवम् तराई विकास निगम कर्मचारी संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी

अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा ने स्थानीय विधायक व सूबे के श्रम मंत्री हरिश चंद्र दुर्गापाल पर आरोप लगाते हुए कहा की नवगठित बिन्दुखत्ता नगरपालिका के उद्घाटन के दौरान नगरपालिका का विरोध कर रहे ग्रामीणों पर दुर्गापाल की सह पर पुलिस ने ग्रामीण महिलाओ व बुजुर्गो पर डंडे बरसाए व उल्टे 47 ग्रमीणों पर झूठे व संगीन धाराओ में मुकदमे दर्ज कर निर

ऐक्टू (AICCTU )राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संतोष राय का जंतर मंतर दिल्ली में 11 नवंबर 17 को जोरदार भाषण

ऐक्टू (AICCTU )राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संतोष राय का जंतर मंतर दिल्ली में 9 से 11 नवंबर 17 तक संयुक्त ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आहूत तीन दिनी महापड़ाव के आखरी दिन 11 नवंबर को मोदी सरकार की मज़दूर व देश विरोधी नीतियों के खिलाफ मज़दूरों के हक़ के लिए  भाषण ।

ऐक्टू(-AICCTU) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड शशि यादव का दिल्ली महाधरना में दिया गया भाषण ,11 nov 17

मोदी सरकार की मज़दूर विरोधी नीतियों के खिलाफ दिल्ली के जंतर मंतर पर आहूत तीन दिनी महाधरना(9-11nov) में 11 नवंबर को शामिल लाखों स्किम वर्करों को सम्बोधित करती ऐक्टू राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड शशि यादव । आशा, आंगनबाड़ी, रसोसिया, भोजनमाता .................

का. रामप्रसाद राठौर

का. रामप्रसाद राठौर ने ऐक्टू के सहयोग से बीएसपी के एसपी-2 विभाग में सेवा देते हुए मल्टी स्किलिंग के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया था जिसमें उन्हें सफलता भी मिली थी. उन्होंने 2 साल पहले सेवानिवृत्ति के बाद भी बीएसपी कर्मियों की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष जारी रखा.

कामरेड शत्रुघन भारती और रामप्रसाद राठौर

23 अक्टूबर को ऐक्टू की छत्तीसगढ़ इकाई ने बीएसपी (भिलाई स्टील प्लांट) के सेवानिवृत्त कर्मी का. रामप्रसाद राठौर और ऐक्टू से सक्रिय रूप से जुड़े रहे व टाउनशिप के सीवरेज में पिछले 17 साल से कार्यरत रहे का.

कामरेड गया सिंह

एटक के वरिष्ठ नेता, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं झारखंड राज्य एटक के अध्यक्ष का. गया सिंह का 7 अक्टूबर 2017 को निधन हो गया. वे डब्ल्यूएफटीयू के पूर्व उपाध्यक्ष भी रहे.

आशा वर्कर्स यूनियन का जिला सम्मेलन

ऐक्टू से सम्बद्ध उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन का 20 अगस्त 2017 को उधमसिंह नगर जिला सम्मेलन रुद्रपुर में सम्पन्न हुआ.

‘सड़क पर स्कूल’ शिक्षा अधिकार आंदोलन

सड़क पर स्कूल’ शिक्षा अधिकार आंदोलन

भोजपुर जिले (बिहार) के सेवथा, नाढ़ी और बरुना के सैकड़ों छात्र-नौजवानों व उनके अभिभावकों ने इनौस (इंकलाबी नौजवान सभा),

मानहानि मुकदमे की धमकियों से कुछ नहीं होने वाला: जय शाह के संदिग्ध व्यवसाय खातों की जांच कराओ!

थोड़े ही अंतराल में लगे दो आरोपों - अर्थतंत्र की दुरवस्था... के बारे में उठे सवाल, और इसके बाद अमित शाह के बेटे की रहस्यपूर्ण कंपनी के प्रपंची कारनामों के खुलासे - ने मोदी सरकार को स्पष्टतः बड़ा झटका दिया है.

‘गुजरात मॉडल’ का पर्दाफाश हुआ - अब इसके निर्माताओं को सजा देने का वक्त है

 दिसम्बर 2017 में गुजरात के महत्वपूर्ण चुनाव के लिये रंगमंच तैयार किया जा रहा है. मोदी शासन के लिहाज से यह बहु-प्रचारित गुजरात मॉडल का गृह-राज्य है.

नवम्बर क्रांति की प्रेरणादायक विरासत

सौ साल पहले दुनिया में एक अलग किस्म का भूचाल आया था. रूस में हुए एक अभूतपूर्व उभार ने समूची धरती को हिलाकर रख दिया था. यह एक ऐसी क्रांति थी जिसमें दुनिया के इतिहास में पहली बार राजसत्ता धनाढ्यों और कुलीनों के एक छोटे से गुट के हाथों से निकलकर दबे-कुचले और मेहनतकश जनसमुदाय के हाथों चली आई थी. यह कोई सामरिक तख्तपलट अथवा षड्यंत्रमूलक प्रहार नहीं था बल्कि इसमें एक निरंकुश शासन के अवशेषों को संगठित जन-शक्ति की लहरों ने बहाकर साफ कर दिया था.

नवम्बर क्रांति की प्रेरणादायक विरासत

नवम्बर क्रांति की प्रेरणादायक विरासत

सौ साल पहले दुनिया में एक अलग किस्म का भूचाल आया था. रूस में हुए एक अभूतपूर्व उभार ने समूची धरती को हिलाकर रख दिया था. यह एक ऐसी क्रांति थी जिसमें दुनिया के इतिहास में पहली बार राजसत्ता धनाढ्यों और कुलीनों के एक छोटे से गुट के हाथों से निकलकर दबे-कुचले और मेहनतकश जनसमुदाय के हाथों चली आई थी. यह कोई सामरिक तख्तपलट अथवा षड्यंत्रमूलक प्रहार नहीं था बल्कि इसमें एक निरंकुश शासन के अवशेषों को संगठित जन-शक्ति की लहरों ने बहाकर साफ कर दिया था.

जेएनयू में संयुक्त वामपंथी पैनल को विशाल जनादेश

जेएनयू में संयुक्त वामपंथी पैनल को विशाल जनादेश

जेएनयू में छात्र संघ का चुनाव उस वक्त हुआ है जब जेएनयू और देश भर के अन्य विश्वविद्यालयों के खिलाफ अभूतपूर्व हमले किए जा रहे हैं. शोध व अन्य कार्यक्रमों में सीटों में कटौती करके और फीस में भारी वृद्धि कर सस्ती व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक गरीब छात्रों की पहुंच को सीमित किया जा रहा है. इसके साथ ही, पाठ्यक्रमों में संशोधन और विभिन्न संस्थानों में संघ के करीबी लोगों की नियुक्ति के जरिये शिक्षा का भगवाकरण करने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं.

कामरेड राधामोहन सिंह

भाकपा-माले की धनबाद जिला स्थायी समिति के सदस्य का. राधामोहन सिंह का 17 सितम्बर 2017 को हार्ट अटैक से जालान अस्पताल में निधन हो गया. उनकी उम्र 50 वर्ष थी.

शहीद शंकर गुहा नियोगी का शहादत दिवस मनाया गया

28 सितंबर को शहीद कामरेड शंकर गुहा नियोग के शहादत दिवस पर छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा द्वारा दुर्ग रेलवे स्टेशन से दुर्ग बस स्टैंड तक रैली का आयोजन किया गया. सभा को ऐक्टू नेताओं राधाकान्त सेठी, बृजेन्द्र तिवारी और भीमराव बागड़े ने संबोधित किया. सभा में भगत सिंह के जन्म दिन पर उन्हें भी याद किया गया.

कोरबा में मजदूर सम्मेलन का आयोजन

27 सितंबर को ऐक्टू की कोरबा इकाई द्वारा मजदूर सम्मेलन का आयोजन किया गया. सम्मेलन में 100 से अधिक ठेका मजदूरों ने भाग लिया. ये मजदूर बालको में कार्यरत है, जोकि एटक छोड़ कर ऐक्टू में शामिल हुए है. सम्मेलन के मुख्य वक्ता ऐक्टू के राष्ट्रीय सचिव बृजेन्द्र तिवारी थे.

सी.एस.डब्लू. के नेतृत्व में प्रदर्शन

19 सितंबर को ऐक्टू से सम्मबद्ध सेंटर आफ स्टील वर्कर्स के नेतृत्व में कर्मचारियों ने भिलाई स्टील प्लांट के मुख्य द्वार पर बोनस की मांग पर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में बी.एस.पी के स्थाई कर्मियों को 20 हजार और ठेका मजदूरों को 10 हजार बोनस देने की मांग की गई.

मोदी के जन्मदिन पर सफाई कर्मियों ने प्रदर्शन किया

17 सितंबर को ऐक्टू से संबद्ध नगरी निकाय जनवादी सफाई कामगार संघ ने भिलाई में प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन मोदी के जन्मदिन पर भाजपा द्वारा 250 सफाई कामगारों को सम्मान देने के ढकोसले के विरोध में किया गया था.